तरवारा : जीबी नगर थाने की पुलिस तांत्रिक असगर मस्तान के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के बाद उसकी तलाश में जुट गयी है. सूत्रों के अनुसार बताया जाता है कि तांत्रिक असगर मस्तान ने पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए देश छोड़ कर नेपाल में शरण ले ली है.
इसके पहले भी छेड़खानी का जब मामला दर्ज हुआ था तो मस्तान ने नेपाल में शरण ली थी. अपराधी शंकर सोनी की हत्या के मामले में पुलिस तांत्रिक असगर मस्तान को रोजाना रौज गौर में खोज रही है. उसके मोबाइल के कॉल डिटेल्स को भी पुलिस खंगाल रही है.
पुलिस के अनुसार अगर कुछ दिनों में असगर मस्तान गिरफ्तार या कोर्ट में हाजिर नहीं होता है तो पुलिस कोर्ट में हत्या के मामले में कुर्की जब्ती के लिए आवेदन देगी. मालूम हो कि झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिक असगर मस्तान के यहां छापेमारी के दौरान 67 लाख रुपये, गहने, हथियार सहित अन्य सामग्री बरामद हुई थी, परंतु मस्तान पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया.
पुलिस 67 लाख की संपत्ति का खुलासा करते हुए उसकी गिरफ्तारी में जुट गयी. सूत्रों की मानें तो मस्तान करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति अर्जित कर ली थी. पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद ही उसकी संपत्ति का पूरा ब्योरा मिल सकेगा क्योंकि मस्तान के बैंक एकाउंट सहित अभी अहम जानकारियां पुलिस को नहीं मिल सकी हैं. उसकी गिरफ्तारी के बाद ही उसकी संपत्ति का पता चलेगा.
साथ ही इतने पैसे उसके पास कहां से आये इसका भी खुलासा हो सकेगा. फिलहाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है. रोजाना छापेमारी जारी है. इधर पुलिस की छापेमारी के बाद तांत्रिक के ठिकाने पर सन्नाटा पसरा है. अब भी लोग तांत्रिक से दिखाने के लिए पहुंच रहे हैं. लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा जानकारी मिलने के बाद लौट जा रहे हैं.
वैज्ञानिक युग में भी झाड़-फूंक के मुरीद है कई लोग
तरवारा. इस हाइटेक युग में आज भी लोग झाड़-फूंक, जादू-टोने के मुरीद हैं. इसका प्रत्यक्ष जीवी नगर थाना क्षेत्र रौजा गौर गांव स्थित तांत्रिक असगर अली का झाड़-फूंक का अड्डा था. दरौंदा के कासिम मियां की पत्नी अयतून बीबी, रौशन तारा, खुर्शीद आलम, शाकरून नेसा, अजमेरी खातून, रसूलन बीबी, सितारा खातून, विशंभर पुर के दिलीप सिंह, सोबराती मियां के पुत्र मुन्ना मियां है, जो झाड़फूंक के मुरीद हैं. तभी तो अंधविश्वास में फंसकर वे मस्तान की कुटिया में आते रहते थे और हमेशा उसकी गुणगान करते हैं. उनकी बातें सुनकर ऐसा ही लग रहा था कि आज भी झाड़-फूंक व जादू-टोना है.
पैसों व शोहरत से मस्तान बाबा ने विरोधियों का मुंह बंद किया
सीवान : करीब आठ से दस सालों के बीच तांत्रिक असगर मस्तान ने पैसों के साथ-साथ शोहरत भी हासिल कर ली थी. तांत्रिक मस्तान ने अपने धंधे में खलल डालने वाले विरोधियों का पैसों व शोहरत के बल पर हमेशा के लिए मुंह बंद कर दिया. सूत्रों के अनुसार बताया जाता है कि तांत्रिक मस्तान अपनी सुरक्षा के लिए क्षेत्र के अपराधी किस्म के लोगों से काफी मेल-मिलाप रखा था.
इस कारण गांव या आसपास के लोग तांत्रिक के विरोध में मुंह नहीं खोलते थे. पिछले साल तांत्रिक मस्तान ने महाराजगंज में रमजान के महीने पर बड़े दावत ए इफ्तार पार्टी का आयोजन कर राजनीति में प्रवेश करने का संकेत दिया था.
इस पार्टी में उसने जिले के कद्दावर लोगों को बुलाया था. हमेशा एसी गाड़ी में घूमने वाले तांत्रिक असगर मस्तान की लोगों को उसकी औकात का पता नहीं चल पाया था. पुलिस द्वारा जब छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में रुपये बरामद किये गये तब लोगों को तांत्रिक असगर मस्तान की औकात का पता चला.
अंधविश्वास को ले लगने लगा लोगों का जमावाड़ा
तरवारा : जीबी नगर थाना क्षेत्र के रौजा गौर गांव निवासी असगर अली उर्फ मस्तान बाबा एक दशक पूर्व एक आम आदमी की तरह लोगों के बीच मजदूरी करते हुए बड़े आदमी बनने का सपना संजोता था. अपने गांव स्थित मखदूम बाबा के मजार से तंत्र मंत्र और झाड़फूंक का काम शुरू किया. वहीं से मखदुम बाबा के नाम पर अंधविश्वास में फंसे लोगों का जमावड़ा बाबा के मजार पर लगना शुरू हो गया. वहां से असगर अली उर्फ मस्तान बाबा का अपना तंत्र मंत्र तथा जादू-टोने का कारोबार फलने-फूलने लगा और देखते ही देखते बाबा के चंगुल में अंधविश्वास में फंसकर के बड़े लोग तथा बड़ी हस्तियां धीरे-धीरे बाबा के कुटिया तक आने जाने लगी. यह देख लोगों में उसके प्रति आस्था बढ़ी और धीरे-धीरे बिहार के कई जिलों के अलावा अंतरप्रांतीय बंगाल, असम, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा व दूसरे देशों में नेपाल से भी महंगी-महंगी लग्जरी गाड़ियों से लोगों का आना शुरू हो गया. वहीं से बाबा का साम्राज्य चल पड़ा और देखते ही देखते मस्तान बाबा ने अपनी एक अलग पहचान बनायी. इसके बाद अकूत संपत्ति का मालिक बन गया.
