बिहार : डीएलइडी की प्रायोगिक परीक्षा में एचएम द्वारा रिश्वत लेने का वीडियो वायरल

सीवान: बिहार के सीवान में अभी डॉयट के एक क्लर्क द्वारा डीपीई प्रमाण पत्र देने के बदले रिश्वत लेने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि रिश्वत लेने का एक और वीडियो वायरल होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. वायरल इस वीडियो में एनआइओएस द्वारा संचालित डीएलइडी कोर्स की प्रायोगिक परीक्षा […]

सीवान: बिहार के सीवान में अभी डॉयट के एक क्लर्क द्वारा डीपीई प्रमाण पत्र देने के बदले रिश्वत लेने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि रिश्वत लेने का एक और वीडियो वायरल होने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. वायरल इस वीडियो में एनआइओएस द्वारा संचालित डीएलइडी कोर्स की प्रायोगिक परीक्षा में नंबर देने के लिए रिश्वत लिया जा रहा है. वीडियो में एचएम द्वारा नंबर देने के एवज में एक हजार रुपये तक की डिमांड की जा रही है. हालांकि, इस वीडियो को एचएम एक वर्ष पुराना करार देते हुए बदनाम करने की नियत से वायरल करने की बात कह रही है परंतु वीडियो को देख यह स्पष्ट हो रहा है कि उनके द्वारा नंबर देने के लिए पैसा लिया गया है.

मामला बिहार के सीवान में बसंतपुर प्रखंड स्थित यमुना प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालयसेजुड़ा है. वायरल इस वीडियो में डीएलइडी कोर्स में व्याप्त उन सभी धांधली को विराम देने की काम किया गया है, जिसकी चर्चा लगातार होती रही है. जिसमें केंद्र संचालन का नहीं होना, मनमाने ढंग से संचालन करना, हाजिरी बनाने सहित प्रायोगिक परीक्षा में नंबर देने व एसाइमेंट जमा करने के दौरान पैसे का खेल शामिल है. ऐसा नहीं है कि विभाग इससे अवगत नहीं है, कारण कि लगातार हो रही जांच के दौरान कई केंद्र बंद पाये जा रहे है, परंतु उच्चाधिकारियों द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं होने से उसपर लगाम नहीं लग पा रहा है.

यमुना प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय के एचएम का रिश्वत लेते वायरल वीडियो में केंद्र समन्वयक सह एचएम द्वारा परीक्षा में प्रायोगिक परीक्षा में नंबर देने के लिए एक हजार रुपये की मांग की जा रही है. जबकि, अभ्यर्थी विशाल कुमार कुशवाहा जिसका रौल नंबर 121 है. वीडियो में वह कहते मिला कि पिछली बार भी 500 रुपया दिया था, परंतु नंबर कम मिला. तब केंद्र समन्वयक कहते हुए मिली कि ज्यादा नंबर के लिए ज्यादा पैसा देना होगा. इसके बाद अभ्यर्थी द्वारा दो लोगों की प्रायोगिक नंबर देने के लिए आठ सौ रुपया दिया जा रहा है. जिस पर केंद्र समन्वयक दो सौ रुपये और देने की बात कहते हुए रुपये को काउंटर में रख दिया. पास में एक अधेड़ उम्र के तीन चार लोग बैठे है और पांच से छह अभ्यर्थी खड़े है.

वीडियो में केंद्र समन्वयक को यह कहते हुए देखा जा रहा है कि एनआइओएस सहित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की भी इसमें भूमिका है. नहीं तो एनआइओएस के पैसे को वो रोक देंगे. एक मिनट 37 सेकेंड के इस वीडियो में केंद्र समन्वयक द्वारा रिश्वत की मांग करने, रिश्वत लेने और उसे काउंटर में रखना अासानी से देखा जा सकता है.

क्या कहते है केंद्र समन्वयक
फर्जी वीडियो बनाकर मेरी छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है. मेरे द्वारा सख्ती बरतने पर कुछ अभ्यर्थी नाराज है. उन्होंने यह भी कहा कि चर्चा के दौरान कई केंद्रों द्वारा रिश्वत लेने की बात सामने आयी थी. वायरल वीडियो को उन्होंने पिछले वर्ष का बताया. (उर्मिला कुमारी, एचएम सह केंद्र समन्वयक, यमुना प्रोजेक्ट बालिका हाइस्कूल)

क्या कहते है अध्यक्ष
हाल के दिनों में केंद्र समन्वयकों द्वारा सख्ती बरतने के बाद अभ्यर्थी द्वारा दबाव बनाने के लिए वीडियो वायरल किया जा रहा है. ताकि क्लास नहीं करना पड़े. ऐसे मामलों पर विभाग को विचार करने की जरुरत है. (वागिंद्र नाथ पाठक, अध्यक्ष, माशिसं, सीवान)

क्या कहते है डीईओ

मीडिया से रिश्वत लेने के मामले की जानकारी हुई है. केंद्र समन्वयक से मामले में स्पष्टीकरण पूछा जा रहा है. जांच कर कार्रवाई की जायेगी. (चंद्रशेखर राय, डीईओ, सीवान)

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >