सुरसंड. मौसम की बेरुखी के चलते भूगर्भ जलस्तर गिरने से नगर पंचायत समेत प्रखंड क्षेत्र के सभी पंचायतों में पेयजल संकट गहरा गया है. करीब 95 प्रतिशत चापाकल पानी देना बंद कर दिया है. जिसके चलते लोग पानी के लिए तरस रहे हैं. हालांकि नगर प्रशासन व नपं अध्यक्ष पप्पू कुमार चौधरी हर घर को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कमर कस चुके हैं. सीमित संसाधन के बावजूद सुबह पांच बजे से रात के एक बजे तक नगर के विभिन्न वार्डों में टैंकर के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने का भरसक प्रयास किया जा रहा है. नगरवासियों को पीने का पानी लेने के लिए सारा काम काज छोड़कर कतारबद्ध होने की विवशता है. नपं अध्यक्ष ने बताया कि वर्तमान में नगर पंचायत के पास मात्र दो ही टैंकर उपलब्ध है. जल संकट को देखते हुए दो और टैंकर मंगवाया जा रहा है. चार टैंकर हो जाने पर लोगों को पेयजल पहुंचाने में सहूलियत होगी. वहीं वार्ड संख्या दो के पार्षद कुंदन कुमार अपने वार्ड स्थित नल-जल से पानी उपलब्ध कराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं.
— पंचायत के लोग पेयजल के लिए बेहाल
नल-जल में तकनीकी खराबी के चलते विभिन्न पंचायतों के लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. बानगी के तौर पर कुम्मा पंचायत के कंसारा वार्ड संख्या 14 में तकरीबन सभी चापाकल सूख गया है. वहां के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. सात निश्चय के तहत गाड़े गए नल-जल तकनीकी खराबी के चलते बंद पड़ा है. नतीजतन उक्त वार्ड के लोगों को नल-जल का लाभ भी नहीं मिल रहा है. पंसस प्रतिनिधि सह ग्रामीण शिलाकांत झा व श्रीकांत झा ने बताया कि नल-जल का स्टार्टर विगत कई माह से खराब है. वार्ड में पानी आपूर्ति के लिए दो टंकी लगाया गया था, पर आंधी में एक टंकी गिरकर क्षतिग्रस्त हो गया. तबसे विभाग द्वारा दूसरा टंकी नहीं लगाया गया है. साथ ही पूरे वार्ड में पाइप वायरिंग का काम भी आधा अधूरा रह गया हुआ है. इस समस्या के निदान के लिए पीएचईडी के जेइ को फोन करने पर कोई रिस्पांस नहीं लिया जाता है. इस बाबत प्रखंड प्रमुख चंदन कुमार ने बताया कि पीएचईडी का टेंडर चौधरी एंड चौधरी नामक कंपनी को मिला हुआ है. उनसे बात हुई है. जल संकट दूर करने के लिए शीघ्र ही उनकी टीम कार्य करना प्रारंभ कर देगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
