एसआइटी में छात्रा की मौत पर बवाल, जांच को उच्चस्तरीय कमेटी गठित

एसआइटी की छात्रा मेघा पाराशर की मौत के बाद शनिवार को कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने बवाल काटा.

कॉलेज के प्राचार्य पर लापरवाही व वर्षों से जमे रहने का आरोप सदर एसडीओ व सदर डीएसपी ने बवाल कराया शांत सीतामढ़ी. एसआइटी की छात्रा मेघा पाराशर की मौत के बाद शनिवार को कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने बवाल काटा. सभी बच्चे छात्रा की मौत के लिए मुख्य रूप से प्राचार्य सुनील कुमार को जिम्मेदार बता रहे थे. बच्चों का आरोप है कि छात्रा मेघा को बीपी की बीमारी थी. 22 जनवरी को उसकी तबीयत बिगड़ी थी. प्राचार्य के द्वारा अपनी गाड़ी उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण उसकी चिकित्सा समय पर नही करायी जा सकी और मेघा मौत की शिकार बन गयी. कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं के बवाल की खबर पर डीएम रिची पांडेय के निर्देश के आलोक पर सदर एसडीओ आनंद कुमार व सदर डीएसपी तुरंत पहुंचे. दोनों ने काफी देर छात्र व छात्राओं को समझाया और उनकी बातों को सुनने के साथ ही उनके आक्रोश को शांत कराया. — प्राचार्य बीमार छात्रा का हाल नहीं जाने छात्र-छात्राओं को प्राचार्य सुनील कुमार के प्रति काफी गुस्से में देखा गया. उनका कहना था कि मेघा पाराशर बीमार थी. वह जीवन व मौत से जूझ रही थी. प्राचार्य अपने बंगले से यह सब देख भी रहे थे, पर वे मेघा का हाल-चाल पूछने के लिए नहीं आए. बताया कि वार्डेन भी अगले दिन घटना की जानकारी लेने पहुंची थी. छात्रों ने एक स्वर से कहा कि छात्रा मेघा पाराशर की मौत भले ही बीमार पड़ने से हुई है, लेकिन सच्चाई यह भी है कि उसके इलाज के लिए प्राचार्य द्वारा खुद की गाड़ी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे समय पर उसे चिकित्सा सुविधा नहीं मिली और उसकी मौत हो गयी. सबों ने प्राचार्य कुमार पर करीब पांच वर्षों से एक ही स्थान पर जमे रहने का भी आरोप लगाया और शीघ्र प्राचार्य व वार्डेन को कॉलेज से हटाने की मांग की. — विधायक ने भी की पहल इधर, विधायक सुनील कुमार पिंटू ने भी छात्रा मेघा पाराशर की मौत को गंभीरता से लिया है. दरअसल, वे एसआइटी में मां सरस्वती की पूजा में शामिल होने के लिए पहुंचे थे. वहां बच्चों ने उनसे कॉलेज की बदतर व्यवस्था की शिकायत की. उन्हें बताया कि कॉलेज में स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था नहीं होने से एक छात्रा मौत की शिकार बन गई है. छात्रावास में लिफ्ट खराब है. जनरेटर की सुविधा है, लेकिन उसका लाभ नहीं मिल रहा है, फलत: पठन-पाठन में परेशानी होती है. छात्रों ने विधायक पिंटू से यह भी शिकायत की कि कॉलेज में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है. शुद्ध पेयजल की पुख्ता व्यवस्था नहीं है. उपलब्धता में समस्या है. उक्त सारी बातों से पिंटू ने डीएम को एक पत्र भेजकर अवगत कराया है. बताया है कि एसआईटी के शिक्षकों से बच्चे भयभीत रहते है. विधायक ने एसआइटी की उक्त समस्याओं पर चिंता व्यक्त की है और डीएम से इसे गंभीरता से लेने व खुद कॉलेज के बच्चों से मिलकर मामले की जांच कराने व दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात कही है. — जिसकी भी गलती होगी, नहीं बचेंगे : एसडीओ घटना पर बवाल की सूचना पर सदर डीएसपी के साथ कॉलेज में पहुंचे सदर एसडीओ ने मीडिया को बताया कि छात्रा को बीपी की बीमारी होने की खबर मिली है. 22 जनवरी की रात उसकी मौत हो गई थी. मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित की गई है. जांच में जिसकी भी लापरवाही उजागर होगी, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी. बताया कि कॉलेज की कुछ आंतरिक समस्याओं से डीएम को अवगत कराया जायेगा. मृतक मेघा पराशर को समय पर गाड़ी/एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलने की बात पर एसडीओ ने कहा कि शनिवार को एसआइटी में कुछ देर के लिए एंबुलेंस व मेडिकल टीम रहती है. वे डीएम यहां प्रतिदिन दो घंटे के लिए एंबुलेंस व मेडिकल टीम की प्रतिनियुक्ति कराने के लिए डीएम से आग्रह करेंगे. इधर, सदर एसडीओ ने प्रभात खबर को बताया कि वे बच्चों की मांगों से डीएम को अवगत कराएंगे. मौत के मामले की उच्चस्तरीय जांच करायी जा रही है. — कहते हैं प्राचार्य छात्र-छात्राओं का यह आरोप निराधार है कि बीमार छात्रा को अस्पताल पहुंचाने में देरी या कोई लापरवाही की गई. छात्रा को निजी गाड़ी से इलाज के लिए भेजा गया था. कॉलेज में एंबुलेंस की सुविधा नहीं है. वहीं, कॉलेज में उपलब्ध अन्य सुविधाओं से छात्र छात्राओं को लाभांवित कराया जाता है. सुनील कुमार, प्राचार्य, एसआइटी.

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By Digvijay singh

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