Sitamarhi : सरपंच माता-पिता का पुत्र निकला अंगूठा छाप, आदित्य की गोली मार हत्या कर अपराध की दुनिया में रखा कदम

जिले के सुरसंड थाना अंतर्गत मलाही गांव के लोगों ने रंजन पाठक के माता-पिता दोनों को न्याय की कुर्सी पर बैठाया था.

–रंजन के पिता मनोज पाठक काट रहा जेल की हवा

–जिला पुलिस की कार्रवाई से कानून व्यवस्था पर बढ़ा विश्वास

सीतामढ़ी.

जिले के सुरसंड थाना अंतर्गत मलाही गांव के लोगों ने रंजन पाठक के माता-पिता दोनों को न्याय की कुर्सी पर बैठाया था. उस वक्त गांव के लोगों ने सोचा भी नही था कि सरपंच की कुर्सी पर बैठकर न्याय करने वाले रंजन के माता-पिता का औलाद कानून के साथ खिलवाड़ करेगा. लेकिन यह कड़वी सच्चाई है कि अपराध की दुनिया में राज करने के लिए रंजन ने अपने माता-पिता के विश्वास व प्रतिष्ठा को ताक पर रखकर वर्चस्व की लड़ाई में एक युवक की हत्या कर अचानक सुर्खियों में आ गया. रंजन ने पिता को पंचायत के लोगों ने अपना वोट देकर सरपंच बनाया. मनोज पाठक 2006 से 2011 तक सरपंच रहे और वर्तमान में रंजन की मां बिंदला देवी. अपने कुल का रंजन ऐसा कपूत निकला कि आज उसके कारण उसका पिता मनोज पाठक भी जेल में बंद है. 18 जुलाई 2025 को बाजपट्टी में आदित्य उर्फ बेलवा की हत्या में रंजन के साथ-साथ उसके पिता मनोज पाठक भी नामजद है.

–लगातार दे रहा था छोटी-बड़ी घटनाओं को अंजाम

मरने के बाद भी रंजन के नाम से खौफ के साये में जी रहे गांव के कुछ लोगों ने नाम नही छापने की शर्त पर बताया कि सात भाई-बहन में रंजन शुरू से शरारती था. छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करना उसकी आदत थी. यही कारण था कि काला अक्षर उसके लिए भैंस के बराबर है. कहने का मतलब बिल्कुल अंगुठा छाप है रंजन. ग्रामीण बताते हैं कि आठ अप्रैल 2019 को उसने वर्चस्व स्थापित करने के लिए गांव के युवक अभय नंदन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी. हत्या व आर्म्स एक्ट के मामले में वह जेल गया था. जेल से निकलने के बाद वह छोटी-बड़ी वारदातों को अंजाम देता रहा.

–सुपारी लेकर सिरियल मर्डर कर रहा था गिरोह

रंजन पर सुरसंड, बाजपट्टी, डुमरा, गाढ़ा व चोरौत थाना में हत्या, आर्म्स एक्ट, रंगदारी व लूटपाट समेत संगीन आठ मामले दर्ज है. 26 सितंबर 20025 को उसने डुमरा थाना अंतर्गत लगमा गांव निवासी ब्रहर्षी सेना के पूर्व अध्यक्ष राम मनोहर शर्मा उर्फ गणेश शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी. गणेश शर्मा की हत्या के बाद स्थानीय लोगों ने सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर एनएच-77 को जामकर बवाल खड़ा कर दिया था. उस दौरान पहुंची पुलिस के साथ लोगों ने दुर्व्यवहार करते हुए सरकारी वाहन में तोड़फोड की थी. हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए कैंडल मार्च भी निकाला गया था. इससे बाद रंजन ने सुपारी लेकर चोरौत में सीएसपी संचालक श्रवण यादव की हत्या कर दी थी. इससे पूर्व परोहा मुखिया के देवर मदन कुशवाहा, शिवहर जिला अंतर्गत पुरनहिया थाना क्षेत्र के दोस्तियां में गुड्डू ठाकुर की हत्या रंजन पाठक ने कर दी थी.

–17 दिन में दूसरे एनकाउंटर से जिला पुलिस बटोर रही वाहवाही

फिल्मी दुनिया की तरह रंजन पाठक फंडिंग करने वाले हत्यारोपित शशि कपूर झा के सहयोग से ताबड़तोड़ हत्या की घटना को अंजाम देकर अपने संगठन का खौफ फैलाने के साथ-साथ जिला पुलिस को लगातार चुनौती दे रहा था. जिला पुलिस ने उस चुनौती को स्वीकार करते हुए साइलेंट वर्क करना शुरू किया. 6 अक्टुबर 2025 को रंजन पाठक गिरोह के तीन र्शाप शूट राहुल झा, दीपक ठाकुर व लोहर सिंह को गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान बदमाशों की ओर से चलाई गोली के जवाबी कार्रवाई में तीनों के पैर में गोली लगी थी. 7 अक्टुबर की सुबह-सुबह यह खबर सोशल मीडिया पर आने के बाद जिलावासियों ने राहत की सांस लेते हुए जिला पुलिस को बधाई दी थी. ठीक 17 दिन बाद रंजन पाठक जिला पुलिस के एनकाउंटर में अपने तीन साथियों के साथ मारा गया. माना जा रहा है कि गिरोह के खात्मा के बाद अब जिला में अमन-चैन बना रहेगा. इधर, सोशल मीडिया पर एसपी अमित रंजन समेत जिला पुलिस को बधाई देने का तांता लगा हुआ है. रंजन पाठक गिरोह के कारण खौफ के साये में जिले रहे समाज के सभी वर्ग लोग अपने-अपने तरीके से जिला पुलिस के प्रति अपनी भावना व्यक्त कर रहे हैं.

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Author: AMITABH KUMAR

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