दो हजार रुपये प्रतिदिन के भाड़े पर शूटर को दी थी पिस्टल

डुमरा थाना क्षेत्र के भीसा गांव के प्रॉपर्टी डीलर रामबाबू राय हत्याकांड में पुलिस को कई तथ्य हाथ लगे हैं.

By VINAY PANDEY | January 8, 2026 6:38 PM

सीतामढ़ी. डुमरा थाना क्षेत्र के भीसा गांव के प्रॉपर्टी डीलर रामबाबू राय हत्याकांड में पुलिस को कई तथ्य हाथ लगे हैं. गिरफ्तार आरोपियों ने डुमरा पुलिस की पूछताछ में हत्या के नए ट्रेंड की भी जानकारी दी है. यानी अब छोटे-छोटे अपराधी भाड़े पर पिस्टल लेकर हत्या की घटना को अंजाम दे रहे हैं. हथियार की सप्लाई बड़े अपराधी कर रहे हैं. रामबाबू राय की हत्या की साजिश रचने में संलिप्त तीन अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़े हुए हैं. इनसे पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि जमीन और शराब तस्करी से जुड़े पुराने विवाद को लेकर रामबाबू की हत्या की साजिश रची गयी थी. गौरतलब है कि घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल बरामद है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. गिरफ्तार तीन में से एक नगर थाना क्षेत्र के भैरोकोठी गांव का चंदन कुमार (28) ने पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने ही रामबाबू राय की हत्या के लिए शूटर को हथियार दिया था. वह आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए भाड़े पर हथियार की सप्लाई की थी. यह भी बताया कि वह दो हजार प्रतिदिन की दर से भाड़े पर हथियार देता है. तीन जनवरी 2026 को उसने रामराम यादव उर्फ संजीत को पिस्टल व गोली उपलब्ध कराया था, जिसे रामबाबू राय की हत्या के बाद वापस लौटा दिया था. बता दें कि पुलिस ने हत्या के 24 घंटे के अंदर चंदन के कमरे से पिस्टल बरामद कर ली थी.

— मनीष की रामबाबू से थी पुरानी दुश्मनी

दूसरा गिरफ्तार मनीष कुमार उर्फ मनीष सिंह है, जो सुरसंड थाना क्षेत्र का निवासी है. उसने पुलिस को यह बताया कि वह पूर्व में शराब व लूटकांड के मामले में जेल की हवा खा चुका है. उसने स्वीकार किया है कि उसकी रामबाबू राय से जमीन व शराब के लेन-देन को लेकर पुरानी दुश्मनी थी. इसी रंजिश में उसने साथियों क्रमश: शशिभूषण कुमार राय, ललित यादव के साथ ही समरजीत यादव के साथ मिलकर रामबाबू राय की हत्या की साजिश रची थी.

— 28 दिसंबर को बच गया था रामबाबू

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 28 दिसंबर 2025 को ही बरियारपुर चौक पर रामबाबू राय की हत्या की योजना बनी थी, लेकिन पूरी योजना लीक हो जाने के चलते काम संभव नहीं हुआ था. फिर तीन जनवरी 2026 को भीसा गांव के पास रामबाबू राय की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. पुलिस सूत्रों ने बताया कि मामले में एक आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन समय रहते उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. फिलहाल पुलिस टीम अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी को लेकर लगातार छापेमारी कर रही है.

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