सीतामढ़ी को भिखारी मुक्त जिला बनाने को लेकर सर्वे जारी

रविवार को नगर स्थित ललित आश्रम, कांग्रेस कार्यालय परिसर में सुबह 10:00 से शाम छह बजे तक कैंप लगाकर धरती मां की 10 वर्ग फुट व्यास के ग्लोब वाली प्रतीकात्मक छवि का पूजन किया गया.

सीतामढ़ी. रविवार को नगर स्थित ललित आश्रम, कांग्रेस कार्यालय परिसर में सुबह 10:00 से शाम छह बजे तक कैंप लगाकर धरती मां की 10 वर्ग फुट व्यास के ग्लोब वाली प्रतीकात्मक छवि का पूजन किया गया. इसके बाद भिखारियों को पुष्प, अक्षत व जल आदि से स्वागत किया गया. तिलक लगाकर, रक्षासूत्र बांधकर व प्रसाद खिलाकर उनकी समस्याओं का सर्वे किया गया. धरती माता विश्व परिवार ट्रस्ट के अध्यक्ष विश्व बंधु प्रवीण ने बताया कि ट्रस्ट ने यह ठाना है कि एक पृथ्वी, एक विश्व परिवार एवं एक विश्व राष्ट्र बनाना है. भारतीय सनातन संस्कृति को वैश्विक बनाकर मानव में देवत्व एवं धरती पर स्वर्ग का अवतरण करना है. हम विश्व में शांति स्थापित करना चाहते हैं. तीसरा वर्ल्ड वार हुआ, तो पृथ्वी पर कुछ भी नहीं बचेगा. विश्व के सभी मानव, चाहे वे जिस धर्म संप्रदाय के हों, वे हैं तो हमारे भाई-बंधु ही. कहा कि संस्था रचनात्मक क्षेत्र में भिखारी मुक्त भारत बनाने का उपक्रम है. सीतामढ़ी को भी भिखारी मुक्त जिला बनाने के लिये सर्वे का कार्य हो रहा है. भीख मांगना विश्व मानवता के लिये कलंक है. — पहले के भिखारियों में दुनिया को दिशा दिखाने का था सामर्थ्य कहा कि दधीचि एवं दानवीर कर्ण के देश में भिखारी भीख मांग रहा है झोली फैलाकर. भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से दान लेने और देने की परंपरा रही है और आगे भी रहेगा. दान सुपात्र को दिया जाता है. पहले जो लोग दान लेते थे, वे जनकल्याण के कार्य में लगे रहते थे. उनमें दुनिया को दिशा देने का सामर्थ्य था. अभी जो भिखारी भीख मांगते हैं, वे अपने निहित स्वार्थ एवं पेट प्रजनन के लिये मांगते हैं. वे समाज पर भार हैं.

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Author: VINAY PANDEY

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