सुरसंड एएनएम धरना: सीतामढ़ी जिले के सुरसंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एएनएम का धरना-प्रदर्शन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा. हाथों में तख्तियां और बैनर लिए एएनएम दिनभर अस्पताल के मुख्य द्वार पर डटी रहीं और जमकर नारेबाजी की. कार्य बहिष्कार के कारण प्रखंड की पूरी ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
दो दर्जन उपकेंद्र और चार एपीएचसी में काम ठप
एएनएम के हड़ताल पर चले जाने से क्षेत्र की बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं.
- प्रखंड के करीब दो दर्जन स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर ताले लटके हुए हैं.
- चार अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (एपीएचसी) में भी सामान्य व टीकाकरण सेवाएं ठप हैं.
- नियमित जांच, प्रसव पूर्व देखभाल और बच्चों के टीकाकरण का कार्य पूरी तरह रुक गया है.
- अस्पताल पहुंचने वाले गरीब मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटना पड़ रहा है.
सीएचसी प्रभारी के तबादले की मांग पर अड़ीं एएनएम
गतिरोध समाप्त कराने के लिए सिविल सर्जन डॉ रविंद्र कुमार यादव ने बुधवार को सीएचसी पहुंचकर आंदोलनकारी एएनएम से लंबी वार्ता की थी. कई मांगों पर सहमति भी बन गई थी, लेकिन एएनएम सीएचसी प्रभारी डॉ रामकिशोर सिंह की पुनर्नियुक्ति का विरोध करते हुए उनके तबादले की मांग पर अड़ गईं. परिणामस्वरूप समझौता वार्ता विफल रही और सिविल सर्जन को बैरंग लौटना पड़ा.
सीएचसी प्रभारी ने डीएम-एसपी से मांगी सुरक्षा
उधर, बढ़ते विवाद को देखते हुए सीएचसी प्रभारी डॉ रामकिशोर सिंह ने डीएम, एसपी और स्थानीय थाने को पत्र भेजकर सुरक्षा की गुहार लगाई है.
- प्रभारी ने परिसर में स्थायी पुलिस बल प्रतिनियुक्त करने की मांग की है.
- उन्होंने आरोप लगाया कि धरने के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों व मरीजों पर छींटाकशी की जा रही है.
- आशंका जताई गई है कि आंदोलन की आड़ में असामाजिक तत्व उपद्रव कर सकते हैं.
- धरनास्थल को मुख्य गेट से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया है.
- थानाध्यक्ष लालकिशोर गुप्ता ने बताया कि प्रभारी और एएनएम दोनों पक्षों से आवेदन मिला है, पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है.
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