ड्रोन से 400 रुपये की लागत पर 10 मिनट में एक एकड़ खेत में होगा दवाओं का छिड़काव, सीतामढ़ी जिले के रीगा प्रखंड में हुई शुरुआत

सीतामढ़ी जिले के रीगा प्रखंड में इफको की ओर से शुरू की गई ड्रोन आधारित दवा छिड़काव सेवा किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है. कम समय, कम लागत और बेहतर परिणाम के कारण रबी फसल की खेती अब अधिक लाभकारी होती दिख रही है.

By VINAY PANDEY | January 14, 2026 6:49 PM

सीतामढ़ी जिले के रीगा प्रखंड में इफको की ओर से शुरू की गई ड्रोन आधारित दवा छिड़काव सेवा किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है. कम समय, कम लागत और बेहतर परिणाम के कारण रबी फसल की खेती अब अधिक लाभकारी होती दिख रही है.

देश की सबसे बड़ी उर्वरक कंपनी इफको द्वारा किसानों की रबी फसल को अधिक उपजाऊ और लाभकारी बनाने के उद्देश्य से ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक, खरपतवारनाशक एवं टॉनिक दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है. बुधवार की सुबह पंछोर गांव में किसानों के खेतों में आधुनिक तकनीक से दवा छिड़काव किया गया, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान जुटे.

रिमोट के जरिए ड्रोन को उड़ाया

पंछोर गांव के किसान चंदेश्वर चौधरी, लालू महतो, नीरस राउत, वरुण पटेल और संजीव कुमार चौधरी सहित अन्य किसानों के गेहूं के खेतों में ड्रोन से छिड़काव किया गया. मशीन में निर्धारित मात्रा में दवा और पानी मिलाकर रिमोट के जरिए ड्रोन को उड़ाया गया. महज 10 मिनट में एक एकड़ गेहूं की फसल में छिड़काव कर ड्रोन वापस लौट आया.

खेती के लिए क्रांतिकारी कदम

ड्रोन संचालन कर रहे अजय महतो ने बताया कि किसानों से प्रति एकड़ मात्र 400 रुपये लिए जा रहे हैं, जो पारंपरिक तरीकों की तुलना में काफी सस्ता है. उन्होंने कहा कि ड्रोन से छिड़काव के बाद फसल में तेजी से सकारात्मक बदलाव दिखाई देता है और उपज भी बेहतर होती है. किसानों ने इस पहल को खेती के लिए क्रांतिकारी कदम बताया.

खेतों में ड्रोन से छिड़काव पर प्रतिएकड़ कितने की होगी मजदूरी की बचत

औसतन प्रति एकड़ 400–600 रुपये तक मजदूरी की बचत होती है.

कैसे होती है बचत

पारंपरिक तरीके से एक एकड़ में दवा छिड़काव के लिए 2–3 मजदूर लगते हैंएक मजदूर की दिहाड़ी लगभग 300–400 रुपये होती हैइस हिसाब से कुल खर्च 700–1000 रुपये तक पहुंच जाता है

वहीं ड्रोन से

प्रति एकड़ शुल्क लगभग 400 रुपये

कम समय (10–15 मिनट) में काम पूरामजदूर, पंप, ईंधन और मानव श्रम की जरूरत नहीं

ड्रोन तकनीक अपनाने से किसानों को क्या है लाभ

400–600 रुपये प्रति एकड़ की सीधी बचत

समय की बचतसमान और प्रभावी छिड़काव

बेहतर उपज का लाभ मिलता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है