बाढ़ से भूकंप तक, एसएसबी ने बच्चों को सिखाए आपदा में बचाव के तरीके

सीतामढ़ी में 20वीं वाहिनी एसएसबी ने राजकीय मध्य विद्यालय, डुमरी में आपदा जागरूकता अभियान चलाया. इस अभियान में 117 छात्र-शिक्षक शामिल हुए, जिन्हें बाढ़, आग और भूकंप जैसी आपदाओं से बचाव के तरीके सिखाए गए. बच्चों ने स्वयं स्ट्रेचर बनाने का अभ्यास भी किया.

Sitamarhi News: 20वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), सीतामढ़ी के राहत एवं बचाव दल ने मेजरगंज प्रखंड अंतर्गत राजकीय मध्य विद्यालय, डुमरी में आपदा जागरूकता अभियान आयोजित किया. अभियान में विद्यालय के सात शिक्षक और 110 छात्र-छात्राओं समेत कुल 117 लोगों ने भाग लिया. इस दौरान एसएसबी जवानों ने आपदा के समय सुरक्षा, प्राथमिक उपचार और राहत-बचाव के व्यावहारिक तरीके बताए.

बाढ़, आग और भूकंप से बचाव की दी जानकारी

अभियान के दौरान एसएसबी जवानों ने बच्चों को बाढ़, आगजनी, भूकंप, सड़क दुर्घटना और मेडिकल इमरजेंसी जैसी परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी. बच्चों को बताया गया कि आपदा के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित तरीके से स्थिति का सामना करना जरूरी है.

प्राथमिक उपचार और राहत के बताए तरीके

राहत एवं बचाव दल ने बच्चों को प्राथमिक उपचार से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी. दुर्घटना या आपात स्थिति में घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के तरीके समझाए गए. साथ ही राहत कार्य के दौरान स्थानीय संसाधनों के सुरक्षित इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया.

स्थानीय संसाधनों से स्ट्रेचर बनाने का लाइव प्रदर्शन

अभियान के दौरान एसएसबी जवानों ने उपलब्ध स्थानीय संसाधनों की मदद से इंप्रोवाइज्ड स्ट्रेचर तैयार करने की विधि का लाइव प्रदर्शन किया. बच्चों को बताया गया कि आपदा की स्थिति में सीमित संसाधनों के बावजूद घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था कैसे की जा सकती है.

बच्चों ने खुद किया व्यावहारिक अभ्यास

प्रशिक्षण को केवल जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया. छात्र-छात्राओं को स्ट्रेचर और पानी में तैरने के लिए सहायक उपकरण बनाने की प्रक्रिया का खुद अभ्यास कराया गया. बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया और एसएसबी जवानों से कई सवाल भी पूछे.

आपदा के समय व्यावहारिक क्षमता विकसित करना उद्देश्य

एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों एवं शिक्षकों में आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान सुरक्षा, प्राथमिक सहायता और बचाव के प्रति जागरूकता बढ़ाना है. इसके साथ ही उन्हें उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर तत्काल राहत पहुंचाने की व्यावहारिक क्षमता विकसित करना भी अभियान का हिस्सा है.

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लेखक के बारे में

By राकेश कुमार राज

राकेश पिछले 23 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों का व्यापक अनुभव रखते हैं. राकेश क्राइम रिपोर्टिंग के अलावा सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने के लिए जाने जाते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति और दिलचस्प किस्से-कहानियों में उनकी विशेष रुचि है.

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