सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट
Sitamarhi News: सीतामढ़ी में प्रस्तावित सैटेलाइट सीतापुरम सिटी प्रोजेक्ट को लेकर किसानों का विरोध अब खुलकर सामने आने लगा है. मनियारी और आसपास के गांवों के किसान-मजदूरों ने महापंचायत कर सरकार की भूमि संबंधी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. किसानों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 15 दिनों के भीतर समाहरणालय का घेराव किया जाएगा.
महापंचायत में संघर्ष तेज करने का फैसला
मनियारी पोखर पर भूमि बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान और मजदूर शामिल हुए. बैठक की अध्यक्षता किसान नेता योगेंद्र प्रसाद यादव ने की, जबकि संचालन राम सागर ठाकुर ने किया. सभा में सर्वसम्मति से आंदोलन को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया.
लैंड पुलिंग और लैंड लॉक वापस लेने की मांग
किसानों ने सरकार से लैंड पुलिंग और लैंड लॉक की प्रक्रिया तत्काल वापस लेने की मांग की. उनका कहना था कि सीतामढ़ी की भूमि देश की सबसे उपजाऊ जमीनों में शामिल है. ऐसे में कृषि भूमि को बचाने के लिए इसे कृषि विशेष क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए और यहां कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए.
एक इंच जमीन नहीं देने का ऐलान
महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र गन्ना उत्पादन के लिए जाना जाता है और इसी वजह से रीगा चीनी मिल जैसे उद्योगों को आधार मिलता है. किसानों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीता मंदिर निर्माण को छोड़कर किसी अन्य परियोजना के लिए एक इंच भूमि भी नहीं दी जाएगी.
21 सदस्यीय समिति का गठन
बैठक में बैद्यनाथ हाथी, प्रेमचंद्र सिंह, सुरेंद्र कुमार साह और प्रो. आनंद किशोर समेत कई लोगों ने अपने विचार रखे. आंदोलन को संगठित रूप देने के लिए 21 सदस्यीय समिति का गठन भी किया गया. प्रेमचंद्र सिंह को संयोजक तथा सुरेंद्र साह और रविंद्र कुमार को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई.
