Sitamarhi News:केंद्र सरकार द्वारा सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने का सीधा असर सीतामढ़ी के सर्राफा बाजार पर दिखने लगा है. फैसले के पहले ही दिन शहर के मुख्य व्यावसायिक केंद्र ‘सोनापट्टी’ में सन्नाटा पसरा रहा. शादी-ब्याह के लगन का मौसम होने के बावजूद बाजार से रौनक पूरी तरह गायब है. कई दुकानें दोपहर तक बंद रहीं, जबकि खुली दुकानों पर भी ग्राहकों की संख्या नगण्य रही.
दाम बढ़ने से ग्राहकों ने बनाई दूरी
स्थानीय व्यवसायियों का कहना है कि जीएसटी और इंपोर्ट ड्यूटी में अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने सोने-चांदी की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है. स्वर्ण व्यवसायी रितेश सर्राफ ने बताया कि जहां पहले दिनभर में औसतन 10 ग्राहक आते थे, अब एक-दो खरीदारों का आना भी मुश्किल हो गया है. बाजार में मंदी का दौर शुरू हो चुका है, जिससे कारोबारी चिंतित हैं.
कारीगरों और छोटे दुकानदारों पर दोहरी मार
व्यवसायी संजय कुमार पप्पू और मनीष कुमार के अनुसार, टैक्स बढ़ने से केवल बड़े शोरूम ही नहीं, बल्कि छोटे दुकानदार और कारीगर भी संकट में हैं. आभूषणों के ऑर्डर कम होने से निर्माण कार्य घट गया है, जिससे कारीगरों की दैनिक आमदनी पर बुरा असर पड़ेगा. कारोबारियों ने यह भी अंदेशा जताया है कि सीमावर्ती जिला होने के कारण सीतामढ़ी में सोने की तस्करी और अनधिकृत व्यापार बढ़ सकता है.
बजट बिगड़ने से लोग कम कर रहे खरीदारी
आम ग्राहकों के लिए सोने की बढ़ी कीमतें किसी झटके से कम नहीं हैं. शहर की अर्चना देवी ने बताया कि उनके घर अगले महीने शादी है. पहले उन्होंने 100 ग्राम सोना खरीदने की योजना बनाई थी, लेकिन अब बजट बिगड़ने के कारण उन्हें इसकी मात्रा घटाकर 80 ग्राम करनी पड़ रही है. सीतामढ़ी के अलावा बैरगनिया और पुपरी के व्यवसायियों ने भी सरकार से बढ़ी हुई ड्यूटी और जीएसटी वापस लेने की मांग की है.
सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
