Sitamadhi News: करोड़ों की लागत से बने थानों के नए भवन सफेद हाथी साबित, जर्जर कमरों में काम कर रहे पुलिसकर्मी

Sitamadhi News: जिले के सुप्पी, बोखरा और गाढ़ा थाना के नए भवन महीनों से बनकर तैयार हैं, लेकिन अब तक संचालन शुरू नहीं हुआ. करोड़ों की लागत से बनी सुविधाएं धूल फांक रही हैं और पुलिसकर्मी जर्जर भवनों में काम कर रहे हैं. पढ़ें पूरी खबर…

Sitamadhi News: बिहार सरकार पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. उद्देश्य है कि पुलिसकर्मियों को बेहतर संसाधन मिलें ताकि आम जनता को प्रभावी सेवा मिल सके. इसी कड़ी में सीतामढ़ी जिले के कई थानों के लिए आलीशान और आधुनिक भवनों का निर्माण कराया गया है. लेकिन विडंबना यह है कि महीनों पहले काम पूरा होने के बावजूद थानों का संचालन अब तक पुराने जर्जर भवनों में ही हो रहा है.

करोड़ों का खर्च, फिर भी तंग कमरों में पुलिस

सीतामढ़ी जिले के सुप्पी, बोखरा और गाढ़ा थाना के लिए करोड़ों की लागत से नए और भव्य भवन तैयार किए गए हैं. इन नए भवनों में आधुनिक कार्यालय, सुसज्जित बैरक और पुलिसकर्मियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. इसके बावजूद, अब तक इन थानों को नए परिसर में शिफ्ट नहीं किया गया है. आलम यह है कि पुलिसकर्मी आज भी पुरानी और असुरक्षित छतों के नीचे काम करने को मजबूर हैं.

प्रशासनिक कार्यशैली पर उठे सवाल

नए भवनों का उपयोग शुरू न होने से सरकारी राशि के सही इस्तेमाल और प्रशासनिक सक्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भवन बनकर तैयार हैं, तो इन्हें जनता और पुलिस की सेवा के लिए तुरंत सुपुर्द किया जाना चाहिए. महीनों से बंद पड़े रहने के कारण इन नए भवनों के रखरखाव पर भी असर पड़ रहा है.

उद्घाटन की राह देख रहे स्थानीय लोग

क्षेत्र की जनता में इस देरी को लेकर काफी नाराजगी है. लोगों का मानना है कि नए भवनों में थाना शिफ्ट होने से कार्यक्षमता बढ़ेगी और फरियादियों को भी सुविधा होगी. अब देखना यह है कि जिला प्रशासन की नींद कब खुलती है और सुप्पी, बोखरा व गाढ़ा जैसे महत्वपूर्ण थानों को अपने नए आशियाने में कब प्रवेश मिलता है.

सीतामढ़ी से अमिताभ कुमार की रिपोर्ट

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By सुनील कुमार सिंह

सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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