सीतामढ़ी के बाज़पट्टी से सत्य प्रकाश की रिपोर्ट
Sitamarhi News: सीतामढ़ी जिले के बाजपट्टी और आसपास के क्षेत्र के लोगों की बरसों पुरानी और बेहद खास मांग आखिरकार पूरी हो गई है.बाजपट्टी रेलवे स्टेशन पर गाड़ी संख्या 15515/15516 पाटलिपुत्र-दरभंगा इंटरसिटी एक्सप्रेस का ठहराव 1 जून से आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है.रेलवे विभाग द्वारा ठहराव की मंजूरी मिलने और पहली बार ट्रेन के रुकने से पूरे बाजपट्टी प्रखंड में खुशी का माहौल है.स्थानीय लोगों ने इस ऐतिहासिक कदम को क्षेत्र के विकास और यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया है.
पटना जाने वाले यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत, समय और पैसे की होगी बचत
इस एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव से बाजपट्टी प्रखंड की एक बड़ी आबादी को सूबे की राजधानी पटना आने-जाने के लिए एक बेहतर, सुरक्षित और सस्ती रेल सेवा का विकल्प मिल गया है.अब स्थानीय यात्रियों को बेहद कम खर्च में और सीधे पटना तक का सफर तय करने का मौका मिलेगा.लोगों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल उनके समय की बचत होगी, बल्कि आर्थिक रूप से भी बड़ी राहत मिलेगी.
छात्रों और मरीजों के लिए वरदान साबित होगी ट्रेन, जानिए समय सारणी
बाजपट्टी सहित आसपास के कई सुदूर ग्रामीण प्रखंडों के छात्र उच्च शिक्षा के लिए और गंभीर रूप से पीड़ित मरीज बेहतर इलाज कराने के लिए अक्सर पटना का रुख करते हैं.ऐसे लोगों के लिए यह इंटरसिटी एक्सप्रेस किसी वरदान से कम नहीं होगी . समय सारणी के अनुसार, यह इंटरसिटी एक्सप्रेस सुबह 3:49 बजे बाजपट्टी स्टेशन पहुंचेगी और दो मिनट के स्टॉपेज के बाद 3:51 बजे पटना के लिए रवाना होगी . वहीं, पटना से वापसी के दौरान यह ट्रेन रात 11:34 बजे बाजपट्टी स्टेशन पहुंचेगी .
वर्षों के लंबे जनसंघर्ष और पूर्व शिक्षक के अधूरे संकल्प की जीत
इस ट्रेन के ठहराव के पीछे बाजपट्टी के लोगों का वर्षों का लंबा संघर्ष छुपा है . बनगांव निवासी पूर्व शिक्षक दिवंगत ध्रुव कांत ने इस मांग को लेकर एक अनोखा संकल्प लिया था कि जब तक यहाँ ट्रेन नहीं रुकेगी, वे अपनी दाढ़ी और बाल नहीं कटवाएंगे . दुर्भाग्यवश, उनके निधन के बाद यह मांग अधूरी रह गई थी, जो अब पूरी हुई है.इसके अलावा संयुक्त किसान संघर्ष मोर्चा के जयप्रकाश शर्मा ने भी इसके लिए आमरण अनशन किया था . स्थानीय नागरिकों ने लगातार बने जनदबाव और स्थानीय सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के विशेष प्रयासों की सराहना की है, जिनकी पहल पर रेलवे प्रशासन ने इस ठहराव को अपनी अंतिम मंजूरी दी .
