Sitamarhi News: शहर को जल संकट से पूरी तरह उबारने और हर घर तक शुद्ध पेयजल की समुचित आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में नगर निगम प्रशासन ने अपनी कवायद तेज कर दी है. शनिवार को नगर निगम के मुख्य सभागार में नगर आयुक्त डॉ. गजेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में केंद्र प्रायोजित ‘अमृत 2.0 योजना’ (Amrut 2.0 Scheme) के प्रभावी व समयबद्ध कार्यान्वयन को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में शहर की जीवनरेखा से जुड़ी जलापूर्ति व्यवस्था के आधुनिकीकरण और नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को लेकर व्यापक रणनीति बनाई गई.
एजेंसी कर रही है डिजिटल सर्वे
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य तकनीकी एजेंडे पर चर्चा करते हुए बताया गया कि नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न सुदूर और घनी आबादी वाले वार्डों में शुद्ध पेयजल की पाइपलाइन बिछाने के लिए केंद्र सरकार के कड़े दिशा-निर्देशों के आलोक में ‘मार्स प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज’ द्वारा विस्तृत जमीनी सर्वेक्षण (सर्वे) किया जा रहा है.
एजेंसी द्वारा इस डिजिटल और फिजिकल सर्वे के पूरा होने के तुरंत बाद एक व्यापक विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार किया जा रहा है. इस महा-योजना के तहत:
- 20 नए जलमीनार: सीतामढ़ी नगर निगम क्षेत्र के उन हिस्सों में 20 नए अत्याधुनिक जलमीनारों (वाटर टावरों) के निर्माण का कंक्रीट प्रस्ताव है, जहाँ पानी का दबाव कम है या पाइपलाइन नहीं है. इससे निगम के सभी 46 वार्डों की जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ और हाई-प्रेशर युक्त हो जाएगी.
- पुराने जलमीनारों का जीर्णोद्धार: इसके साथ ही, शहर में पूर्व से संचालित 5 पुराने जलमीनारों के कमांड एरिया में आने वाले जो घर किन्हीं कारणों से अब तक कनेक्शन से वंचित रह गए हैं, उन छूटे हुए घरों तक भी अविलंब शुद्ध पेयजल पहुंचाने की मुकम्मल व्यवस्था की जाएगी.
खामियों को दूर करने की मांग
बैठक के दौरान उपस्थित उपमेयर और विभिन्न वार्डों के पार्षदों ने अपने-अपने क्षेत्रों में वर्तमान में चल रही जलापूर्ति की लचर स्थिति, लीकेज और दूषित पानी की समस्याओं को बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (BUDCO) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अशोक सिन्हा के समक्ष पुरजोर तरीके से रखा. जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि नई पाइपलाइन बिछाने के दौरान सड़कों को खोदकर न छोड़ा जाए और गुणवत्ता का विशेष ख्याल रखा जाए.
बुडको के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और नगर आयुक्त ने पार्षदों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सभी तकनीकी व व्यावहारिक सुझावों को डीपीआर (DPR) में शामिल कर योजना को पूरी तरह जनहित में और पारदर्शी ढंग से धरातल पर उतारा जाएगा.
सशक्त स्थायी समिति के नए सदस्यों संग आला अफसरों की रही मौजूदगी
इस हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से बुडको के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अशोक सिन्हा, उपनगर आयुक्त आशुतोष कुमार, नगर निगम के स्वच्छता पदाधिकारी गौतम कुमार और बुडको अधिकारी जितेंद्र कुमार मौजूद रहे. इनके अलावा हाल ही में निर्वाचित हुए सशक्त स्थायी समिति के माननीय सदस्यगण— सीमांत खिरहर, ललन प्रसाद, अताउल्लाह रहमानी व सुधीर हाथी समेत नगर निगम के विभिन्न वार्डों के पार्षद व मुख्य प्रशासनिक कर्मी उपस्थित थे. अधिकारियों ने दावा किया कि डीपीआर को अंतिम मंजूरी मिलते ही टेंडर निकालकर युद्धस्तर पर जलमीनारों के निर्माण का काम शुरू करा दिया जाएगा.
सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
