सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
Sitamarhi News: नगर क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट से स्थाई राहत दिलाने और जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए नगर निगम ने बड़ी पहल शुरू की है. नगर आयुक्त डॉ.गजेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को नगर निगम सभाकक्ष में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई. इसमें वार्ड पार्षदों और संबंधित एजेंसी के अधिकारियों के साथ अमृत 2.0 योजना के कार्यान्वयन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और जरूरी सुझाव लिए गए.
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर तैयार होगा प्रारूप
नगर आयुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत 2.0 योजना के तहत शहर में जलापूर्ति की आधुनिक व्यवस्था विकसित की जानी है. इसके लिए मार्स प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों का विस्तृत सर्वेक्षण कराया गया है. सर्वेक्षण के आधार पर तैयार प्रारूप पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से आवश्यक सुझाव और सुधार प्राप्त किए गए हैं, ताकि परियोजना को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जा सके.
शहर के हर घर तक पहुंचेगा शुद्ध पेयजल, गर्मी में नहीं होगी दिक्कत
बैठक में जानकारी दी गई कि नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में कुल 12 नए जल मीनारों (वाटर टावर) की स्थापना की जाएगी. इन जल मीनारों के निर्माण और पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार के बाद शहर के अधिकाधिक घरों तक शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी. इससे भविष्य में, विशेषकर गर्मी के मौसम में उत्पन्न होने वाली जल संकट की समस्या से लोगों को हमेशा के लिए राहत मिल जाएगी.
परियोजना के तकनीकी पहलुओं और स्थलों के चयन पर हुई चर्चा
इस उच्चस्तरीय बैठक में परियोजना के तकनीकी पहलुओं, संभावित स्थलों के चयन, पाइपलाइन नेटवर्क, जल भंडारण क्षमता और काम पूरा करने की समय-सीमा पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में नगर प्रबंधक अमरजीत कुमार, स्वच्छता पदाधिकारी गौतम कुमार, बुडको के अधिकारी जितेंद्र कुमार, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अंशुल प्रकाश वात्स्यायन, सीमांत खिरहर, ललन प्रसाद और वार्ड पार्षद अमरेंद्र कुमार बबलू समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.
