सीतामढ़ी से रतिकांत झा की रिपोर्ट
Sitamarhi News: सीतामढ़ी स्थित श्री राधाकृष्ण गोयनका कॉलेज के दिनकर सभागार में मैथिली भाषा और मिथिला संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए ‘चेतना समिति’ की एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में आगामी जनगणना को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है.
जनगणना में मातृभाषा ‘मैथिली’ दर्ज कराने का आग्रह
बैठक का मुख्य फोकस लोगों को उनकी भाषाई विरासत के प्रति जागरूक करना था. समिति ने अपील की है कि आगामी जनगणना के दौरान सभी मिथिलावासी अपनी मातृभाषा के कॉलम में ‘मैथिली’ ही दर्ज कराएं.
- अध्यक्षता: बैठक की अध्यक्षता कॉलेज के इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. बबीता कुमारी ने की. उन्होंने कहा कि मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान में मैथिली का विशेष स्थान है.
- मुख्य अतिथि: प्रो. उमेश चंद्र झा ने मैथिली के ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय महत्व पर जोर देते हुए इसके व्यावहारिक उपयोग को बढ़ाने की बात कही.
दैनिक जीवन और रोजगार में मैथिली के प्रयोग पर जोर
चेतना समिति के अध्यक्ष विवेकानंद झा ने बताया कि मैथिली अब केवल सांस्कृतिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार और सामाजिक संवाद की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो गई है. उन्होंने लोगों से अपने दैनिक जीवन, आपसी संवाद और सरकारी आवेदनों में मैथिली का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की.
निकलेगी ‘चेतना जागरूकता यात्रा’
बैठक में भाषा के संवर्धन के लिए कई अहम रणनीतियां तैयार की गईं:
- पंचायत स्तर तक जागरूकता अभियान चलाने और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया.
- मैथिली भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए ‘चेतना जागरूकता यात्रा’ निकालने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया.
- इस यात्रा के सफल संचालन के लिए समाजसेवी सुधीर मिश्रा को संयोजक नियुक्त किया गया है.
कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिनेश चंद्र झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया और डॉ. बबीता कुमारी को समिति की स्मारिका देकर सम्मानित किया गया.
