Sitamarhi News: जिले के बोखड़ा प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चकौती में सरकारी राशि की बंदरबांट और वित्तीय अनियमितता के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. जिलाधिकारी रिची पांडेय के निर्देश पर चकौती पंचायत के मुखिया अशोक कुमार को पदच्युत (हटाने) की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. वहीं, मामले में दोषी पाए गए पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उन पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है.
नियमों के विरुद्ध की गई राशि की निकासी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुखिया और पंचायत सचिव पर बिना किसी विभागीय दिशा-निर्देश के सरकारी राशि की निकासी कर उसे निजी उपयोग में खर्च करने का आरोप था. प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) द्वारा की गई जांच में पाया गया कि दो योजनाओं की कुल 3 लाख रुपये की राशि मुखिया द्वारा नगद निकासी की गई, लेकिन उसके उपयोग का कोई विवरण नहीं मिला. इसके अलावा ‘कार्यालय व्यय’ के नाम पर भी 50 हजार रुपये की अवैध नगद निकासी की गई थी.
दो सप्ताह में राशि वसूली का निर्देश
जांच प्रतिवेदन के आधार पर डीएम ने सख्त कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव के विरुद्ध नीलामपत्र वाद दायर कर दो सप्ताह के भीतर राशि वसूली का निर्देश दिया है. साथ ही मुखिया के विरुद्ध बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 18(5) के तहत कार्रवाई शुरू की गई है. प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से जिले के अन्य पंचायतों में हड़कंप मच गया है. जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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