सीतामढ़ी: रसोई गैस का नया विकल्प बना कोयला, अब जन वितरण प्रणाली की दुकानों से मिलेगा

Sitamarhi News: ईंधन संकट से निपटने के लिए बिहार सरकार अब जन वितरण प्रणाली की दुकानों से कोयला उपलब्ध कराएगी. इसके लिए परिवहन दरें तय करते हुए बिहार राज्य खनन निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है. पढ़ें पूरी खबर…

Sitamarhi News: दक्षिण-पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और इसके चलते ईंधन आपूर्ति में संभावित बाधाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने ईंधन के वैकल्पिक स्रोत के रूप में अब राशन और केरोसिन की तर्ज पर जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों के माध्यम से कोयला उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है. आपूर्ति एवं परिवहन विभाग ने इसके लिए पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है.

बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड बना कैनालाइजिंग एजेंट

हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित “संकट प्रबंधन समूह” (सीएमजी) की बैठक में आम लोगों तक कुकिंग कोयला सुलभ कराने का फैसला हुआ. इसके तहत बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड को कैनालाइजिंग एजेंट बनाया गया है. यह निगम थोक विक्रेताओं का निबंधन कर कोल हेड से जिला मुख्यालय तक कोयले का उठाव और परिवहन सुनिश्चित कराएगा, जिससे पंचायत स्तर तक इसकी निर्बाध आपूर्ति हो सके.

कोयले की आपूर्ति के लिए परिवहन दरें निर्धारित

विभाग ने कोल हेड से जिला मुख्यालय और वहां से जविप्र दुकानों तक कोयला पहुंचाने का किराया तय कर दिया है. वाहनों के रख-रखाव, मजदूरी और ईंधन की कीमतों को ध्यान में रखकर पुराने किराए में पांच प्रतिशत की वृद्धि की गई है. नई दरों के तहत 0 से 8 किलोमीटर तक के लिए प्रति क्विंटल कोयले का परिवहन किराया 5.41 रुपया और 9 से 20 किलोमीटर के लिए 3.12 रुपया निर्धारित किया गया है.

सीतामढ़ी से अमरेंद्र कुमार की रिपोर्ट

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सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।

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