सीतामढ़ी से रौशन कुमार की रिपोर्ट
Sitamarhi News: सीतामढ़ी में बैंकों की कर्ज वितरण व्यवस्था को लेकर जारी वार्षिक साख योजना की रिपोर्ट कई अहम संकेत दे रही है. आंकड़ों से साफ है कि जिले में बैंक कृषि क्षेत्र की तुलना में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग यानी एमएसएमई सेक्टर को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं. वित्तीय वर्ष 2025-26 में बैंकों ने कुल 6101.21 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया, जबकि जिले का सीडी रेशियो 60.69 प्रतिशत दर्ज किया गया.
एमएसएमई सेक्टर पर बैंकों का फोकस
वार्षिक साख योजना के तहत जिले में 4588 करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया था. इसके मुकाबले 3122 करोड़ रुपये का कर्ज अलग-अलग क्षेत्रों में बांटा गया, जो लक्ष्य का 68.07 प्रतिशत है. सबसे ज्यादा ऋण एमएसएमई सेक्टर में दिया गया, जबकि कृषि क्षेत्र अपेक्षाकृत पीछे रहा.
कृषि क्षेत्र में लक्ष्य से कम कर्ज वितरण
कृषि क्षेत्र के लिए 2158 करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य तय था, लेकिन पूरे साल में केवल 1435 करोड़ रुपये का ही लोन बांटा जा सका. यानी उपलब्धि 66.54 प्रतिशत रही. इस सेक्टर में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और उज्जीवन एसएफबी ने बेहतर प्रदर्शन किया.
एमएसएमई सेक्टर में 71 फीसदी से ज्यादा उपलब्धि
एमएसएमई सेक्टर में बैंकों ने 2268 करोड़ रुपये लक्ष्य के मुकाबले 1618 करोड़ रुपये का कर्ज वितरित किया. यह कुल लक्ष्य का 71.37 प्रतिशत है. इंडियन बैंक, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक इस क्षेत्र में सबसे आगे रहे. वहीं यूको बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे कुछ बैंक 50 प्रतिशत लक्ष्य भी पूरा नहीं कर सके.
कई बैंकों का सीडी रेशियो बेंचमार्क से नीचे
रिपोर्ट के अनुसार तीन बड़े बैंकों का सीडी रेशियो तय बेंचमार्क 40 प्रतिशत से भी कम रहा. इसमें पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं. इन बैंकों की ऋण वितरण क्षमता को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
6100 करोड़ बांटे गए लोन
जिले में कुल जमा राशि 10052.35 करोड़ रुपये रही, जबकि इसके मुकाबले 6101.21 करोड़ रुपये बतौर ऋण वितरित किए गए. इसी आधार पर जिले का सीडी रेशियो 60.69 प्रतिशत दर्ज किया गया.
कुछ बैंकों का प्रदर्शन रहा शानदार
सीडी रेशियो में उत्कर्ष एसएफबी, उज्जीवन एसएफबी, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा. उत्कर्ष एसएफबी का सीडी रेशियो 2232.45 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो चर्चा का विषय बना हुआ है.
