Milk Powder Plant Sitamarhi: सीतामढ़ी जिले के दूध उत्पादक किसानों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है. अब सीतामढ़ी डेयरी में अतिरिक्त दूध से मिल्क पाउडर (दुग्ध चूर्ण) तैयार किया जाएगा. इसके लिए 76.60 करोड़ रुपये की कुल लागत से 30 एमटीपीडी (मीट्रिक टन प्रतिदिन) क्षमता वाले अत्याधुनिक दुग्ध चूर्ण संयंत्र का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. शनिवार को राघोपुर-बखरी से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का आधिकारिक शुभारंभ किया गया.
Sitamarhi News:18 महीने में तैयार होगा आधुनिक संयंत्र
इस संयंत्र को आगामी 18 महीने की समय सीमा में बनाकर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके चालू होने से सीतामढ़ी डेयरी की कुल दूध प्रसंस्करण क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और जिले में डेयरी कारोबार को नया विस्तार मिलेगा. इस परियोजना का शुभारंभ सीएम सम्राट चौधरी व केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम में उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह विशिष्ट रूप से मौजूद रहीं. वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम ने की.
अतिरिक्त दूध को सुरक्षित रखने में मिलेगी मदद
इस नए संयंत्र के शुरू होने के बाद अतिरिक्त दूध का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण कर उसे मिल्क पाउडर के रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा. अक्सर दूध का उत्पादन अधिक होने पर किसानों को अतिरिक्त दूध बेचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. अब दुग्ध चूर्ण बनने से दूध को लंबे समय तक सुरक्षित रखकर बाजार की मांग के अनुसार आसानी से आपूर्ति की जा सकेगी.
किसानों को मिलेगा बेहतर बाजार और रोजगार
सीतामढ़ी डेयरी के इस विस्तार से सीतामढ़ी और आसपास के क्षेत्रों के हजारों दुग्ध उत्पादक किसानों को सीधे तौर पर बड़ा लाभ मिलेगा. किसानों को उनके दूध का बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिलने की पूरी उम्मीद है. इसके साथ ही क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
