सीतामढ़ी से राकेश कुमार राज की रिपोर्ट
Sitamarhi Jail Inspection: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (बालसा), पटना के निर्देशानुसार सीतामढ़ी में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया गया. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) अखिलेश कुमार झा के मार्गदर्शन में डालसा की सचिव संजना गांधी ने मंडल कारा का मासिक निरीक्षण किया. इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में बंदियों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं और उनके कानूनी अधिकारों की स्थिति का जायजा लेना था.
भोजन के मेन्यू और साफ-सफाई की हुई जांच, दिए कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान डालसा सचिव संजना गांधी ने कारा परिसर की साफ-सफाई और बंदियों के स्वास्थ्य से जुड़े इंतजामों की गहन समीक्षा की. उन्होंने बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच की और सहायक काराधीक्षक को सख्त निर्देश दिया कि सभी बंदियों को तय मेन्यू के अनुरूप ही गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए. साफ-सफाई के मामले में किसी भी तरह की कोताही न बरतने की बात कही गई.
कमजोर बंदियों को मिलेगी निःशुल्क विधिक सहायता, पीआर बांड पर होगी रिहाई
सचिव ने विधिक सहायता से वंचित बंदियों पर विशेष ध्यान देने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि जिन बंदियों के पास पैसे की कमी के कारण अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें तुरंत निःशुल्क सरकारी विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए. निरीक्षण के दौरान ऐसे बंदियों की भी पहचान की गई जिन्हें अदालत से जमानत तो मिल चुकी है, लेकिन बेलर (जमानती) न होने के कारण वे अब भी जेल में हैं. संजना गांधी ने ऐसे बंदियों की पीआर बांड (PR Bond) के माध्यम से रिहाई सुनिश्चित करने के लिए काराधिकारियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया. इसके अलावा डालसा सचिव ने महिला वार्ड का भी विशेष दौरा किया. उन्होंने वहाँ बंद महिला कैदियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं और जरूरतों को सुना. मौके पर जेल के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे.
