Sitamarhi News: इस्कॉन के जन्माष्टमी महोत्सव में उमड़े 25 हजार श्रद्धालु, विदेशी भक्तों का रॉक बैंड बना आकर्षण

सीतामढ़ी में इस्कॉन द्वारा आयोजित प्रथम श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव में 25 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए. कार्यक्रम में भव्य महाभिषेक, हरिनाम संकीर्तन और विदेशी भक्तों के भक्ति रॉक बैंड ने समां बांधा. युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया.

Sitamarhi News: सीतामढ़ी में इस्कॉन की ओर से निर्मला पैलेस में पहली बार भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव एवं रॉक बैंड कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में करीब 25 हजार श्रद्धालु शामिल हुए. महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक, हरिनाम संकीर्तन, आरती और प्रसाद वितरण किया गया. वहीं करीब पांच हजार लोगों के लिए महाभंडारे की व्यवस्था की गयी.

महाभिषेक और हरिनाम संकीर्तन में शामिल हुए श्रद्धालु

जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का विधिवत महाभिषेक कराया गया. इसके बाद हरिनाम संकीर्तन और आरती का आयोजन हुआ. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए. पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा.

पांच हजार लोगों के लिए हुआ महाभंडारा

आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गयी. करीब पांच हजार लोगों के लिए महाभंडारे का आयोजन किया गया. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया. आयोजन को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आयोजकों की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी थीं.

विदेशी भक्तों का भक्ति रॉक बैंड बना आकर्षण

महोत्सव के दौरान खुले प्रांगण में विदेशी भक्तों की ओर से भक्ति रॉक बैंड की प्रस्तुति दी गयी. यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा. भक्ति संगीत की धुन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्साहपूर्वक झूमते नजर आए. कीर्तन और नृत्य के साथ श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम का आनंद लिया.

शहर के व्यवसायी और समाजसेवी भी हुए शामिल

जन्माष्टमी महोत्सव में शहर के कई व्यवसायी, समाजसेवी और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे. धार्मिक आयोजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया. पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम में अलग-अलग वर्गों के लोगों की भागीदारी रही.

युवाओं को आध्यात्मिक परंपरा से जोड़ना उद्देश्य

आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं समेत समाज के सभी वर्गों को भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ना है. इसके साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया. धार्मिक कार्यक्रम और भक्ति संगीत के माध्यम से युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने पर जोर दिया गया.

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लेखक के बारे में

By रतिकांत झा

रतिकांत पिछले करीब 17 वर्षों से पत्रकारिता में निरंतर कार्यरत हैं. उन्हें राजनीति, धर्म-अध्यात्म, पर्व-त्योहार, अपराध, सामाजिक सरोकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं जैसे बहुआयामी विषयों पर लगातार सटीक रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव प्राप्त है.

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