Sitamarhi crime News: सीतामढ़ी जिले के नानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहनी गांव में दबंगों की हैवानियत और दबंगई का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. जलावन लाने गई महादलित परिवार की महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के साथ छेड़खानी, मारपीट और कपड़े फाड़कर शालीनता भंग करने का प्रयास किया गया है. मामले को लेकर मोहनी गांव निवासी सुदीश माझी की पत्नी रामरती देवी ने स्थानीय थाने में लिखित आवेदन देकर तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है.
चौर से लौटते समय पोखर के पास घात लगाकर किया हमला
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना विगत 5 जुलाई के सुबह करीब 10 बजे की है. रामरती देवी अपनी नाबालिग बेटी, भतीजी और गांव की अन्य लड़कियों (कंचन कुमारी, मधु कुमारी, राधा कुमारी, रवण कुमारी व रौशनी कुमारी) के साथ गहीरा चौर बाथ असली से जलावन लेकर लौट रही थीं. जब सभी लड़कियां मोहनी बड़ा पोखर के रास्ते से गुजर रही थीं, तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे गौरा गांव निवासी रवि महतो (पिता ललन महतो) और अजय महतो (पिता किशोरी महतो) ने उन्हें जबरन रोक लिया.
विरोध करने पर जातिसूचक गालियां दीं और गला दबाया
आरोप है कि रोकने के बाद दोनों आरोपियों ने लड़कियों के साथ सरेराह छेड़खानी शुरू कर दी. जब रामरती देवी ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपियों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज की. दबंगों ने कहा, "कोई मुसहर बोलेगा तो सबको घर में घुसकर मार देंगे और लड़कियों को उठा ले जाएंगे." इसके बाद आरोपियों ने जबरदस्ती करते हुए महिलाओं के कपड़े फाड़ दिए और अस्मत लूटने का प्रयास किया. विरोध करने पर पीड़िता का गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की गई.
किसानों को आता देख धमकी देते हुए भागे आरोपी
पीड़ितों द्वारा जान बचाने के लिए शोर मचाने पर कुछ दूरी पर धान रोप रहे किसान दौड़कर मौके पर पहुंचे. किसानों को आता देख आरोपी पीछे हटे. इसी बीच आरोपी रवि महतो का पिता ललन महतो भी वहां पहुंच गया और अपने बेटे का पक्ष लेते हुए पीड़ितों को केस करने पर अंजाम भुगतने और जान से मारने की धमकी देने लगा. पीड़ितों का कहना है कि वे अत्यंत गरीब परिवार से हैं और रोजमर्रा के चूल्हे के लिए जलावन बीनने जाते हैं. आरोपी दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, जिससे पूरे परिवार की जान-माल और सम्मान को गंभीर खतरा बना हुआ है. पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है.
