सीतामढ़ी: एक साल से तालाब बनी है SH-52, कीचड़ और जलजमाव से स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

पुपरी के आवापुर चौक स्थित एसएच-52 पिछले एक वर्ष से जलजमाव की समस्या से जूझ रही है. सड़क पर जमा गंदे पानी और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों, राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

सीतामढ़ी के पुपरी से बैद्यनाथ ठाकुर की रिपोर्ट

Sitamarhi News: जिला मुख्यालय से पुपरी को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण एसएच-52 राज्य उच्चपथ आवापुर चौक के समीप पिछले एक वर्ष से जलजमाव की समस्या से जूझ रही है. सड़क पर हर मौसम में एक से दो फीट तक गंदा पानी जमा रहने के कारण राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय व्यवसायियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी मुश्किलें

आवापुर चौक के समीप स्थित उच्च एवं मध्य विद्यालय तक पहुंचने के लिए सैकड़ों छात्र-छात्राओं को रोजाना गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है. सुबह स्कूल जाने और शाम को लौटने के दौरान बच्चों को काफी दिक्कत होती है.

स्थानीय छात्रों ने बताया कि पानी में छिपे गड्ढों के कारण आए दिन बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं. कई बार यूनिफॉर्म, किताब और कॉपियां भीग जाती हैं. छात्राओं ने बताया कि गीले कपड़ों में कक्षा में बैठना उनकी मजबूरी बन गई है. बच्चों ने सांप और बिच्छू निकलने की आशंका भी जताई.

व्यापार और आवागमन पर पड़ रहा असर

यह सड़क पुपरी और सीतामढ़ी के बीच प्रमुख संपर्क मार्ग मानी जाती है. जलजमाव के कारण मालवाहक वाहनों और बाइक चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय दुकानदार सत्येंद्र पाठक समेत अन्य लोगों ने बताया कि ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते हैं और बदबू के कारण दुकान पर बैठना मुश्किल हो गया है.

शिकायतों के बावजूद नहीं हुआ समाधान

ग्रामीणों का कहना है कि आरसीडी विभाग, एसडीओ और डीएम को कई बार लिखित शिकायत दी गई. पंचायत प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को उठाया, लेकिन अब तक न तो जलनिकासी की व्यवस्था हुई और न ही सड़क की स्थायी मरम्मत.

एक शिक्षक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता का विषय बन चुकी है. विभाग को कई बार पत्र भेजे गए, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है.

ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग

आवापुर और आसपास के गांवों के लोगों ने मांग की है कि आवापुर चौक के पास अविलंब जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए और सड़क को ऊंचा कर पुनर्निर्माण कराया जाए.

ग्राम पंचायत के मुखिया जमालुद्दीन दानिश ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई.

क्या बोले आरसीडी के कार्यपालक अभियंता

आरसीडी के कार्यपालक अभियंता शिवशंकर प्रसाद ने कहा कि सड़क पर जलजमाव के लिए स्थानीय लोग भी जिम्मेदार हैं, जो अपने घरों का पानी सड़क पर बहाते हैं. उन्होंने बताया कि पहले कच्चा नाला बनाकर जलनिकासी की व्यवस्था की गई थी, जिससे कुछ समय तक सड़क सूखी रही. बाद में नाला भर जाने के कारण फिर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई.

उन्होंने बताया कि पक्का नाला निर्माण के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है. स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा.

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Published by: Sarfaraz Ahmad

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