मां-पुत्र को विवाहिता की हत्या में सात वर्ष की कारावास

दहेज की मांग की पूर्ति नहीं होने पर विवाहिता की हत्या किए जाने के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्ठम मो ग्यासुदीन ने सोमवार को दोनों

डुमरा कोर्ट. दहेज की मांग की पूर्ति नहीं होने पर विवाहिता की हत्या किए जाने के एक मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्ठम मो ग्यासुदीन ने सोमवार को दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद आरोपी पुपरी थाना क्षेत्र कुसैल गांव निवासी मदन महतो एवं उसकी मां पलती देवी को भादवी की धारा 304(बी) में सात-सात वर्ष की कारावास की सजा सुनायी है. मामले में कोर्ट ने दोनों को 7 मार्च को दोषी पाते हुए सजा की बिंदु पर सुनवाई के लिए सोमवार की तिथि मुकर्रर की थी. मामले में सरकार पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक अकील अहमद ने पक्ष रखा तो वही बचाव पक्ष की ओर से वरीय अधिवक्ता विपलेन्द्र सिंह ने पक्ष रखा. बताया गया है कि की विवाहिता बबिता देवी की दहेज के लिए हत्या की बाबत मृतिका के भाई मुजफ्फरपुर जिले के औराई थाना क्षेत्र के बसंत गांव निवासी दिलीप कुमार महतो ने 5 मई 2022 को पुपरी थाना को आवेदन देकर बताया था कि वह अपनी बहन की शादी मदन महतो से दिनांक गत 13 मई 2021 को किया था. शादी के बाद से उसके पति सास व अन्य लोग उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे. इधर 5 मई 2022 को उसे सूचना मिली कि बहन की तबीयत बहुत खराब थी. जिसके कारण उसकी मृत्यु हो गई है. जब वह वहां पहुंचे तो देखा कि उसकी बहन के शरीर पर कई जगह काला-काला निशान है और उसके गले पर भी निशान है. उसने आवेदन में बताया कि उक्त लोग उसकी बहन की गला दबाकर हत्या कर दिये है.

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