Satellite Sitapuram Project: सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट को लेकर विरोध तेज हो गया है. भूमि बचाओ संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने पटना स्थित नए सचिवालय में नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात कर परियोजना को वापस लेने की मांग की. इस दौरान मंत्री को 11 सूत्री ज्ञापन भी सौंपा गया.
प्रतिनिधिमंडल के साथ सीतामढ़ी विधायक सुनील कुमार पिंटू भी मौजूद रहे. दोनों पक्षों के बीच करीब आधे घंटे तक वार्ता हुई.
समिति ने रखी ये प्रमुख मांगें
भूमि बचाओ संघर्ष समिति के डॉ. आनंद किशोर ने कहा कि कृषि प्रधान और सीमित कृषि भूमि वाले सीतामढ़ी में टाउनशिप विकसित करने के बजाय कृषि विशेष क्षेत्र, नदी जल प्रबंधन और कृषि आधारित उद्योगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
उन्होंने लैंड पुलिंग, लैंड लॉक और लॉटरी सिस्टम के माध्यम से भू-आवंटन की प्रक्रिया को असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक बताते हुए इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई.
मंत्री ने क्या कहा?
नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि यह योजना फिलहाल अपने पहले चरण में है और अभी इसे वापस लेने पर जोर नहीं दिया जाना चाहिए.
उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार परियोजना क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव अध्ययन कराएगी. साथ ही कहा कि छोटे किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी. यदि अधिसूचना से लोगों को परेशानी होती है तो आवश्यक होने पर कानून में संशोधन पर भी विचार किया जाएगा.
ज्ञापन में उठाए गए ये मुद्दे
समिति ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि प्रस्तावित परियोजना से एक तिहाई कृषि भूमि प्रभावित हो सकती है, पोखर और अन्य जलस्रोतों के समाप्त होने का खतरा है, बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई हो सकती है और भू-जल स्तर पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है.
समिति ने सरकार से सैटेलाइट सीतापुरम प्रोजेक्ट को रद्द कर किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए नई विकास योजना बनाने तथा लैंड लॉक व्यवस्था समाप्त करने की मांग की.
वार्ता में बैद्यनाथ हाथी, संतोष कुमार सिंह, सतीश सिंह, नवीन सिंह सहित भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे.
