नेपाल बस हादसा में मृत थाना क्षेत्र के जमुआ गांव निवासी ऋषिपाल का शव रविवार की अहले सुबह घर पहुंचा.
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
बैरगनिया. नेपाल बस हादसा में मृत थाना क्षेत्र के जमुआ गांव निवासी ऋषिपाल का शव रविवार की अहले सुबह घर पहुंचा. शव पहुंचते ही परिजन के चीत्कार से पूरा गांव गमगीन हो गया. ऋषि का अंतिम संस्कार लालबकेया नदी के तट पर कर दी गयी है. मृतक का मंझला भाई सत्यपाल साह बताते हैं कि घटना के बाद से लगातार चितवन में रहकर जानकारी लेते रहे और जब एक शव मिला और पहचान मेरे भाई के रूप में हुई तो मानो मेरे ऊपर पहाड़ टूट गया हो. प्रशासन व पुलिस ने सांत्वना देकर पोस्टमार्टम कराकर सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को लेकर शनिवार की रात बैरगनिया-गौर में आ गए. लेकिन, बॉर्डर बंद होने से शव को अहले सुबह घर लाया फिर दाह संस्कार किया गया है. पिता जयराम साह, पत्नी सीमा देवी के चीत्कार से ग्रामीणों की आंखे नम हो गयी थी. इधर, मृतक का नौ वर्षीय पुत्र रोहित कुमार, पांच वर्षीया पुत्री ज्योति कुमारी अपने पिता के शव से लिपटकर जोर जोर से रो रहे थी. इसी गांव के विवेक कुमार(25) के अबतक लापता रहने से उनके घर मे मातम पसरा हुआ है. पिता भरत प्रसाद साह, मां गीता देवी, बहन काजल कुमारी, बड़ा भाई आलोक कुमार चीत्कार मार कर रोते दिख रहे थे. उन सभी को पड़ोसी सांत्वना देते नजर आ रहे थे.
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