अब गांव के युवा सिर्फ नौकरी नहीं मांगेंगे, नौकरी देने वाले भी बनेंगे

बिहार के युवाओं और महिलाओं के लिए रोज़गार और उद्यमिता के नए द्वार खुलने वाले हैं. राजेंद्र शिक्षा एवं समाज कल्याण संस्थान और चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान के बीच एक खास एमओयू हुआ है, जिसका मकसद प्रदेश के जरूरतमंदों को कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की राह दिखाना है.

Sitamarhi News: मेजरगंज. बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में पांच दशकों से सक्रिय हलीमपुर स्थित राजेंद्र शिक्षा एवं समाज कल्याण संस्थान (आरआईईएसडब्ल्यू) और राज्य के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान चंद्रगुप्त प्रबंध संस्थान (सीआईएमपी) के बीच महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इस साझेदारी का उद्देश्य बिहार के जरूरतमंद परिवारों, युवाओं और महिलाओं के लिए कौशल, रोजगार और सामाजिक विकास के नए अवसर उपलब्ध कराना है.

युवाओं को कौशल और रोजगार के अवसर

एमओयू के तहत युवाओं को नए कौशल सीखने, रोजगार पाने और स्वरोजगार शुरू करने के लिए बेहतर मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे. सीआईएमपी और उसके बिजनेस इनक्यूबेशन विंग के सहयोग से ग्रामीण और महिला उद्यमियों को छोटे व्यवसाय शुरू करने में मदद, मेंटरिंग और जरूरी संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध कराने की योजना है.

ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने पर जोर

साझेदारी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और युवाओं को केवल रोजगार तलाशने तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के अवसर बढ़ने की उम्मीद है.

स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण में भी होगा सहयोग

स्वास्थ्य, वृद्धजन देखभाल, नशा-मुक्ति और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में आरआईईएसडब्ल्यू के लंबे अनुभव को सीआईएमपी के शोध, तकनीकी सहयोग और कॉरपोरेट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा. इससे कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं को बिहार के दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी.

आपदा प्रबंधन और स्वच्छता पर भी काम

दोनों संस्थाएं आपदा प्रबंधन, जलवायु अनुकूलन तथा स्वच्छ जल और स्वच्छता (डब्ल्यूएएसएच) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी मिलकर काम करेंगी. इसका उद्देश्य आपदा प्रभावित समुदायों को बेहतर तरीके से तैयार करना और सुरक्षित जीवन के लिए जरूरी सुविधाओं को मजबूत करना है.

आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल

इस साझेदारी को बिहार के युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया. कार्यक्रम में सीआईएमपी की ओर से निदेशक राणा सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कुमुद कुमार तथा सेंटर फॉर सीएसआर एंड ईएसजी स्टडीज से नॉरिश हैदर मौजूद रहीं. आरआईईएसडब्ल्यू की ओर से कार्यकारी निदेशक अभिषेक कुमार समेत अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी, प्रबंधक खुशी सिंह, अंजलि और जय गणेश उपस्थित रहे.

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By Amrendra kumar sing

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