Sitamarhi Cow Campaign: गोवंश के सम्मान, संरक्षण एवं सनातन संस्कृति के गौरव को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “गो सम्मान एवं गोभक्त पदयात्रा अभियान” को लेकर पुपरी में एक विशेष बैठक आयोजित की गई. इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता ब्रजमोहन चौधरी उर्फ भूषण ने की. बैठक के दौरान आगामी अभियान की विस्तृत रूपरेखा, पदयात्रा की प्रशासनिक व सामाजिक तैयारी, व्यापक जनसंपर्क, प्रचार-प्रसार एवं रूट व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस अभियान के तहत पूरे सीतामढ़ी जिले से गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गोवंश संरक्षण के समर्थन में 5 लाख लोगों के हस्ताक्षर करवाए जाएंगे.
27 जुलाई को जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा हस्ताक्षर पत्रक
बैठक में तय किया गया कि आगामी 27 जुलाई को एक विशाल पदयात्रा के माध्यम से यह ऐतिहासिक हस्ताक्षर पत्रक जिलाधिकारी (डीएम), सीतामढ़ी को सौंपा जाएगा. इस महाहस्ताक्षर पत्रक के माध्यम से बिहार के राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से गोवंश संरक्षण के लिए देश व राज्य में ठोस और कड़े कानूनी कदम उठाने का पुरजोर अनुरोध किया जाएगा. वक्ताओं ने कहा कि यह अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि गोमाता के सम्मान और भारतीय संस्कृति के अक्षुण्ण संरक्षण के लिए एक बड़ा जन-जागरण का प्रयास है. इसे सफल बनाने के लिए गांव-गांव और घर-घर जाकर सभी वर्गों को जोड़ने का निर्णय लिया गया.
19 जुलाई को पुपरी में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से निकलेगी पदयात्रा
अभियान की सफलता के मद्देनजर 19 जुलाई, रविवार को दोपहर 3 बजे से पुपरी में भव्य गो सम्मान गोभक्त पदयात्रा निकाली जाएगी. इस पदयात्रा का शुभारंभ श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर (लाल मंदिर) प्रांगण से मुख्य अतिथि के संबोधन एवं भव्य महाआरती के साथ होगा. यह यात्रा अनुमंडल चौक, स्टेशन चौक, टावर चौक, लोहापट्टी रोड, नागेश्वर स्थान, पुनः टावर चौक, कर्पूरी चौक, वी-बाजार, सिनेमा चौक और कर्पूरी चौक होते हुए वापस श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर पहुंचकर संपन्न होगी. बैठक में उपसभापति जय प्रकाश उर्फ जयकिशोर, प्रेमनाथ प्रसाद, राकेश कुमार मिश्रा, आशीष कुमार मुन्ना, संतोष कुमार सानू, अभिषेक सौरव, ब्रजेश बुबुना, धर्मवीर गुप्ता, शांतनु शर्मा, सुजीत मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गो-सेवक, गोभक्त एवं समाजसेवी उपस्थित थे. सभी ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया.
ये भी पढ़ें: चोरौत में रातों नदी का अधूरा तटबंध बना अभिशाप, बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर हैं ग्रामीण
