सीतामढ़ी कोर्ट से अनिल कुमार की रिपोर्ट
Sitamarhi News: सीतामढ़ी कोर्ट में चर्चित प्रद्युम्न हत्याकांड मामले में शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया गया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) द्वितीय ज्योति कुमारी की अदालत ने नगर थाना क्षेत्र के मेहसौल गोट निवासी हरिशंकर राय के पुत्र पिंटू राय को हत्या का दोषी करार दिया है.
अदालत ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दोषी पाया है. अब सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 25 मई की तारीख निर्धारित की गई है.
दोनों पक्षों ने रखीं दलीलें
मामले में सरकार पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक हुसैन अंसारी ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता रामबाबू राय ने दलीलें पेश कीं.
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर पिंटू राय को दोषी माना.
2019 में हुई थी हत्या
अभियोजन के अनुसार मृतक प्रद्युम्न के पिता रामबाबू राय ने 6 जून 2019 को नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
उन्होंने आरोप लगाया था कि 2 जून 2019 की दोपहर वह अपने पुत्र के साथ पत्नी की दवा लेने जा रहे थे. इसी दौरान बसवरिया चौक पर सूचना मिली कि प्रद्युम्न को मौराहा मध्य विद्यालय के पास कुछ लोग मार रहे हैं.
जब वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि कई लोग प्रद्युम्न के साथ मारपीट कर रहे थे और चाकू से गोदकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था. घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी.
कई लोगों पर दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले में रामबाबू राय ने पिंटू राय के अलावा नौशाद उर्फ खल्ली, लड्डू राय, शोभा देवी और पप्पू समेत अन्य लोगों के खिलाफ नगर थाना कांड संख्या 318/2019 दर्ज कराया था.
जांच के दौरान पुलिस ने लक्ष्मीपुर मोहल्ला निवासी विनोद राय की संलिप्तता भी पाई थी, लेकिन अदालत ने साक्ष्य के अभाव में उसे रिहा कर दिया.
अब 25 मई को अदालत द्वारा दोषी पिंटू राय की सजा तय की जाएगी.
