24 घंटे के अंदर जख्म/पोस्टमार्टम का प्रतिवेदन दें

सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी को 24 घंटे के अंदर जख्म/पोस्टमार्टम रिपोर्ट निर्गत करने का निर्देश दिया है.

सीतामढ़ी. सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी को 24 घंटे के अंदर जख्म/पोस्टमार्टम रिपोर्ट निर्गत करने का निर्देश दिया है. 21 अगस्त को डीएम की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान दिए गए निर्देशों के आलोक में सीएस ने उक्त आदेश जारी किया है. इसके अलावा अन्य बिंदुओं पर भी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है.

— नियमित रूप से मुख्यालय में रहें

सीएस ने सीएचसी, पीएचसी व रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बेलसंड व पुपरी अनुमंडलीय अस्पताल के साथ ही सदर अस्पताल के उपाधीक्षक को अपने मुख्यालय में नियमित रूप से उपस्थित रहकर स्वास्थ्य से संबंधित कार्यों को करने का निर्देश दिया है. साथ ही समय-समय पर रोस्टर के अधीन सरकार द्वारा निर्धारित समयावधि के अनुकूल अपना अस्पताल ड्यूटी भी करना सुनिश्चित करने व दैनिक उपस्थिति दर्ज करने को कहा गया है.

— करना पड़ता है शर्मिंदगी का सामना

जारी पत्र में सीएस ने कहा है कि डीएम की अध्यक्षता में होने वाली विभागीय समीक्षा बैठक से पूर्व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व उपाधीक्षक राष्ट्रीय कार्यक्रम से संबंधित इंडिकेटरों की समीक्षा कर शतप्रतिशत लक्ष्य को पूरा करना सुनिश्चित करेंगे. कहा है, प्रायः ऐसा पाया गया है कि डीएम द्वारा समीक्षा के दौरान इंडिकेटरों के गिरते हुए प्रतिशत पर किसी भी प्रकार का संतोषप्रद जबाव नहीं दिया जाता है, जिस कारण समीक्षात्मक बैठक में सभी को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है.

— छह बिंदुओं पर मांगा प्रतिवेदन

सीएस डॉ कुमार ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व उपाधीक्षकों से छह बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने पदस्थापन वाले मुख्यालय में भाड़े/ आवासीय भवन के मकान मालिक नाम व मोबाईल नंबर तीन दिनों के अन्दर उपलब्ध कराने को कहा है.

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से अन्य चिकित्सा पदाधिकारी/आयुष चिकित्सा पदाधिकारी के तरह अस्पताल में अपना भी रोस्टर ड्यूटी निर्धारित कर मासिक रोस्टर मांगा गया है. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी/चिकित्सा पदाधिकारी/आयुष चिकित्सा पदाधिकारी व कर्मी नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करने को कहा गया है. ओपीडी/आपातकालीन सेवा में उपचार किए गए मरीजों की संख्या तिथिवार मासिक प्रतिवेदन प्रथम सप्ताह में उपलब्ध कराने के साथ ही सेवानिवृत्त पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों का सेवांत लाभ ससमय भुगतान करने व पोस्टमार/जख्म प्रतिवेदन 24 घंटा के अंदर निर्गत करने, अन्यथा वेतन भुगतान स्थगित रखने की बात कही गई है.

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Author: VINAY PANDEY

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