जानलेवा साबित हो सकता है पुल के दोनों छोर पर बने गड्ढे़

चोरौत-बसोतरा पीएमजीएसवाई पथ में जमुनी नदी पर स्थित पुल के दोनों छोर पर बने गड्ढे जानलेवा साबित हो सकता है.

चोरौत. चोरौत-बसोतरा पीएमजीएसवाई पथ में जमुनी नदी पर स्थित पुल के दोनों छोर पर बने गड्ढे जानलेवा साबित हो सकता है. हालांकि पुल की अधिक ऊंचाई होने व समुचित पहुंच पथ के अभाव में इस पुल से न के बराबर बड़े वाहनों की आवाजाही होती है. अधिकांश ट्रैक्टर चालक भी ट्राली लेकर इस पुल से गुजरने की हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं. जो भी बड़ी गाड़ी चालक इस पुल से गुजरते हैं, वे अपनी जान हथेली पर लेकर ही गुजरते हैं. बावजूद पुल के समीप पहुंच पथ की पीसीसी का टूटना पुल की गुणवत्ता, कार्यकारी एजेंसी व अधिकारी की लापरवाही बताने के लिए काफी है. स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में प्रारंभ हुआ था. इसका निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा 5 करोड़ 27 लाख 22 हजार की लागत से कराई गई. अभिकर्ता द्वारा कभी भी पुल का मेंटेनेंस नहीं कराया गया. जबकि विभागीय नियमानुकूल अभिकर्ता को निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद पांच साल तक मेंटेनेंस करना है. उक्त पथ में ही पिछले वर्ष रातों नदी में बन रहे डायवर्सन का जायजा लेकर लौटते समय तत्कालीन बीडीओ अनीत कुमार एवं प्रमुख प्रतिनिधि सुनील राउत की नजर पड़ी तो दोनों लोगों ने डायवर्सन स्थल पर मौजूद ग्रामीण कार्य विभाग के सहायक अभियंता महेंद्र कुमार को इसकी जानकारी देने के साथ ही इसकी मरम्मत करवा देने के लिए आग्रह किया था. संजीव राय, राम विनय राय, सरोज चौधरी, अभिराम राय, राकेश कुमार, व मनोज ठाकुर ने बताया कि तत्कालीन बीडीओ व प्रमुख प्रतिनिधि के आग्रह पर मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति जरूर करवा दिया गया था, पर पुनः जस की तस स्थिति बन गई है.

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Author: VINAY PANDEY

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