Sitamarhi News: सीतामढ़ी. बाल श्रम उन्मूलन की दिशा में जिले को बड़ी सफलता मिली है. बाजपट्टी प्रखंड की पिपराढ़ी पंचायत को प्रखंड की पहली बाल श्रम मुक्त पंचायत घोषित किया गया है. श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अभियान के तहत रविवार को पंचायत में विशेष ग्रामसभा आयोजित की गयी. मुखिया सह अध्यक्ष बाल कल्याण समिति ललित कापर की अध्यक्षता में हुई ग्रामसभा में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया.
विशेष ग्रामसभा में बाल श्रम मुक्त पंचायत की घोषणा
ग्रामसभा में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अभय पांडेय, सीडीपीओ कुमारी सुचेता, कन्वर्जेंस विशेषज्ञ मुकुंद कुमार चौधरी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. इस दौरान पिपराढ़ी पंचायत को बाल श्रम मुक्त पंचायत घोषित किया गया. अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम रोकने के लिए सिर्फ कानून बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है.
बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा पर दिया गया जोर
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अभय पांडेय ने कहा कि बाल श्रम से जुड़े कानूनों का पालन कराने के साथ समाज की भागीदारी जरूरी है. पंचायत को बाल श्रम मुक्त बनाए रखना लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. उन्होंने ग्रामीणों से बच्चों को काम में लगाने के बजाय उन्हें शिक्षा से जोड़ने की अपील की.
बाल श्रम को बताया बच्चों का शोषण
कन्वर्जेंस विशेषज्ञ मुकुंद कुमार चौधरी ने कहा कि बाल श्रम दया का विषय नहीं, बल्कि बच्चों के अधिकारों का शोषण है. बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण का अधिकार है. इसके लिए समाज में लगातार जागरूकता और सामुदायिक सतर्कता बनाए रखना जरूरी है.
पंचायत में जारी रहेगी बाल श्रम पर निगरानी
मुखिया ललित कापर ने कहा कि पंचायत को बाल श्रम मुक्त बनाए रखने के लिए निगरानी का काम लगातार जारी रहेगा. उन्होंने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए ग्रामीणों से सहयोग की अपील की. वहीं सीडीपीओ कुमारी सुचेता ने पात्र बच्चों और उनके परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया.
ग्रामीणों ने बच्चों को श्रम से दूर रखने का लिया संकल्प
विशेष ग्रामसभा के अंत में ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि पंचायत में किसी भी बच्चे को श्रम में नियोजित नहीं होने दिया जाएगा. हर बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक प्रयास किया जाएगा. इस मौके पर प्रखंड समन्वयक प्रशांत कुमार यादव, महिला पर्यवेक्षिकाएं और कई शिक्षक भी मौजूद रहे.
यह भी पढ़ें: नेपाल में बारिश के बाद सोनबरसा में बाढ़ का खतरा, लखनदेई का बांध टूटने से सरेह में घुसा पानी
