Sitamarhi News: अब कैदियों को पेशी के लिए जेल से कोर्ट लाने और ले जाने की आवश्यकता नहीं होगी. बेऊर आदर्श सेंट्रल जेल की तर्ज पर सीतामढ़ी मंडल कारा को भी न्यायश्रुति प्रणाली से जोड़ा जाएगा. इसके तहत कैदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे जेल से ही न्यायालय के समक्ष पेश होंगे. न्यायश्रुति बिहार सरकार की डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और कम खर्चीला बनाना है.
बिहार के सभी जिलों में होगी चरणबद्ध शुरुआत
17 जुलाई 2026 को पटना में न्यायश्रुति प्रणाली का पहला मॉक ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया. इसके बाद गृह सचिव कुंदन कुमार के निर्देश पर इसे चरणबद्ध तरीके से बिहार के सभी जिलों में लागू किया जाएगा. इस व्यवस्था के तहत सीतामढ़ी जिला न्यायालय और मंडल कारा भी डिजिटल नेटवर्क से जुड़ेंगे.
गवाह और विशेषज्ञ भी देंगे ऑनलाइन गवाही
नई व्यवस्था लागू होने के बाद गवाह, पुलिस अधिकारी, डॉक्टर और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के वैज्ञानिकों को भी हर बार अदालत में उपस्थित नहीं होना पड़ेगा. वे प्रमाणित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपनी गवाही और रिपोर्ट ऑनलाइन दर्ज करेंगे. इस पूरी प्रणाली का तकनीकी संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी), पटना करेगा.
लंबित मुकदमों के निष्पादन में मिलेगी तेजी
न्यायश्रुति प्रणाली के माध्यम से व्यवहार न्यायालय, जेल, अभियोजन कार्यालय और एफएसएल को एकीकृत किया जाएगा. इससे लंबित मुकदमों का शीघ्र निष्पादन संभव होगा और आम लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय मिलेगा. सरकार का लक्ष्य आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है.
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