सीतामढ़ी से अमिताभ कुमार की रिपोर्ट
Sitamarhi News: डिजिटल युग में जहां मोबाइल और इंटरनेट का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है, वहीं किताबों के प्रति लोगों का लगाव आज भी कायम है. इसका उदाहरण इन दिनों सीतामढ़ी में देखने को मिल रहा है, जहां केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत नेशनल बुक ट्रस्ट की ‘पुस्तक परिक्रमा’ पहुंची हुई है. इस चलते-फिरते पुस्तक मेले को लेकर छात्रों, शिक्षकों, साहित्यकारों और पुस्तक प्रेमियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है.
बिहार-झारखंड दौरे पर निकली है पुस्तक परिक्रमा
दिल्ली से विशेष रूप से बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों के दौरे पर निकली पुस्तक परिक्रमा का उद्देश्य लोगों तक ज्ञान और साहित्य पहुंचाना तथा पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा देना है. आयोजकों के अनुसार यह पहल बच्चों और युवाओं को किताबों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है.
एक ही स्थान पर मिल रही कई भाषाओं की पुस्तकें
पुस्तक मेले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पाठकों को विभिन्न भाषाओं और विषयों की पुस्तकें एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं. हिंदी, अंग्रेजी, मैथिली, उर्दू और भोजपुरी भाषा की किताबों के साथ इतिहास, विज्ञान, संस्कृति, महान व्यक्तित्वों की जीवनियां, बाल साहित्य, समसामयिक विषयों और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकों का बड़ा संग्रह मौजूद है.
विशेष छूट के साथ खरीद सकते हैं पुस्तकें
नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से पुस्तकों की खरीद पर आकर्षक छूट भी दी जा रही है. आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक कम कीमत में गुणवत्तापूर्ण पुस्तकें पहुंचाना है, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी पाठक किताबों से वंचित न रहे.
छात्रों और पुस्तक प्रेमियों ने की सराहना
मेले में पहुंचे छात्रों और साहित्य प्रेमियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल दौर में भी किताबों का महत्व कम नहीं हुआ है. एक ही स्थान पर इतनी विविधताओं वाली पुस्तकें उपलब्ध होना जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है. लोगों का मानना है कि ऐसी पहल युवाओं में पढ़ने की आदत को बढ़ावा देगी और ज्ञान के प्रति उनकी रुचि मजबूत करेगी.
