सीतामढ़ी. जिले के सदर अस्पताल के साथ सीएचसी व पीएचसी में मरीजों की सुविधाओं के लिए विभाग के स्तर से 102 एंबुलेंस की व्यवस्था है. उक्त एंबुलेंस के संचालन का जिम्मा “जेन प्लस प्राइवेट लिमिटेड ” नामक एजेंसी की है, पर एजेंसी की अव्यवस्थित एवं लचर कार्यशैली के चलते मरीजों को 102 एंबुलेंस की समुचित सुविधा नहीं मिल पा रही है. वहीं, एजेंसी के स्थानीय समन्वयक की कार्यशैली के कई सीएचसी व पीएचसी के प्रभारी नाखुश है.
सीएचसी प्रभारी की नहीं सुन रहे एसीओ
बताया गया है कि 102 एंबुलेंस के एसीओ सीएचसी/पीएचसी प्रभारी की नहीं सुनते है. प्रभारी विभाग के निर्धारित नियम के तहत 102 एंबुलेंस के संचालन की अपेक्षा रखते है, जिस पर एसीओ खरा नहीं उतर रहे है. विभागीय सूत्रों ने बताया कि हर एंबुलेंस को 24 घंटे ऑन ड्यूटी रखना है. हर शिफ्ट में एंबुलेंस पर एक-एक चालक व ईएमटी को रखना है1 यानी आठ घंटे की शिफ्ट के बाद चालक व ईएमटी को चेंज कर देने का प्रावधान है. हालांकि यह संभव नहीं हो रहा है. एजेंसी द्वारा कम संख्या में कर्मियों को रखा जाता है और उनसे दो शिफ्ट में काम लिया जाता है. इसको लेकर कर्मियों व एसीओ में विवाद भी होता है. बहरहाल, अब सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों सख्ती करनी शुरू कर दी है.
एजेंसी से नहीं मिली कर्मियों की सूचना
बताया गया है कि सीएचसी, रुन्नीसैदपुर के प्रभारी ने 27 सितंबर 25 को 102 एंबुलेंस के जिला समन्वयक को पत्र भेजकर सीएचसी में कार्यरत एंबुलेंस के सभी कागजात की छायाप्रति, कर्मियों का नाम, पदनाम एवं मोबाईल नंबर उपलब्ध कराने को कहा था. ताकि इन कर्मियों से उपस्थिति दर्ज कराने के साथ ही रोस्टर के अनुसार उनसे कार्य लिया जा सकें. प्रभारी ने एसीओ को हिदायत की थी कि अगर किसी कर्मी की जगह दूसरे कर्मी को भेजा जाता है, तो पहले उसकी सूचना सीएचसी में देने को कहा था. उक्त सूचना देने के बाद ही दूसरे कर्मी से काम लेने की बात कही थी. कतिपय कारणों से एसीओ द्वारा एंबुलेंस से जुड़ी सूचनाएं सीएचसी प्रभारी को उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है. प्रभारी ने सीएस को जानकारी दी है कि एसीओ द्वारा मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराने से मरीजों को एंबुलेंस की सुविधा देने में कठिनाई उत्पन्न हो रही है. कहा है कि ससमय एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध नहीं कराने पर उन्हें आमजनों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ता है. प्रभारी ने सीएस से उक्त सूचनाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, ताकि सभी एंबुलेंस से कार्य लिया जा सके.कहते हैं 102 एंबुलेंस के एसीओ
102 एंबुलेंस के एसीओ निकेश कुमार ने बताया कि सीएचसी प्रभारी रून्नीसैदपुर का कोई पत्र उन्हें नहीं मिला है. जिले में 65 एंबुलेंस है. सभी पर कर्मी है. पांच से छह कर्मी कम है. कर्मियों से 12 घंटे ड्यूटी लिया जाता है. आठ घंटे का शिफ्ट होने के सवाल पर कहा कि इमरजेंसी सेवा में 12 घंटा का ड्यूटी चलता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
