Sitamarhi News: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के अंतर्गत सीतामढ़ी में सिंगल यूज प्लास्टिक कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की पहल को राष्ट्रीय पहचान मिली है. रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में जिले के वेस्ट टू वेल्थ मॉडल की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरणादायी प्रयास बताया.
जिले में एकत्रित प्लास्टिक कचरे को रीसायकल कर मजबूत और आकर्षक सीटिंग बेंच तैयार की गई हैं, जिन्हें पंचायत स्तर पर आम लोगों के उपयोग के लिए स्थापित किया गया है.
11 हजार किलो प्लास्टिक से तैयार हुईं 85 बेंच
जिला प्रशासन के अनुसार, पूरे जिले से करीब 11 हजार किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक एकत्र किया गया था.
इसमें से लगभग 4 हजार किलोग्राम प्लास्टिक का पुनर्चक्रण कर 85 मजबूत और उपयोगी बेंच तैयार की गईं. इन बेंचों का वितरण जिले की विभिन्न पंचायतों में किया गया है, जहां इन्हें पंचायत सरकार भवन, सार्वजनिक स्थलों और अन्य जनोपयोगी परिसरों में लगाया गया है.
डीएम ने बताया पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम
बताते चलें कि 16 जून को बाजपट्टी प्रखंड मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में डीएम रिची पांडेय ने प्लास्टिक अपशिष्ट से निर्मित बेंचों के वितरण का शुभारंभ किया था.
डीएम ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक आज पर्यावरण के सामने बड़ी चुनौती है. ऐसे में प्लास्टिक कचरे को पुनर्चक्रित कर जनोपयोगी संसाधनों में बदलना सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने इसे स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी का सफल उदाहरण बताया.
पीएम ने रिड्यूस, रीयूज और रीसाइक्लिंग पर दिया जोर
'मन की बात' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीतामढ़ी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि रिड्यूस, रीयूज और रीसाइक्लिंग अब लोगों के जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है.
उन्होंने स्थानीय इकाई और जिला प्रशासन की भूमिका की प्रशंसा करते हुए इस मॉडल को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रेरक उदाहरण बताया.
जिला प्रशासन ने नागरिकों को दी बधाई
जिला प्रशासन ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा 'मन की बात' में सीतामढ़ी का उल्लेख पूरे जिले के लिए सम्मान की बात है. यह उपलब्धि जिला प्रशासन, ग्रामीण विकास विभाग, सभी प्रखंडों, स्वच्छता कर्मियों, जनप्रतिनिधियों, जीविका दीदियों और जागरूक नागरिकों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है.
प्रशासन ने लोगों से स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक-मुक्त सीतामढ़ी के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने की अपील की.
