Sitamarhi Waterlogging Issue: नगर निगम क्षेत्र में बारहमासी जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है. जानकी स्थान, गौशाला चौक, पुनौरा धाम और मधुबन जैसे प्रमुख मार्गों पर जलनिकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है. मां जानकी जन्मभूमि और पुनौरा धाम तक पहुंचने वाले इन मुख्य रास्तों पर प्रतिदिन देशभर से हजारों श्रद्धालु आते हैं, जिन्हें गंदे पानी और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है. 104 करोड़ रुपये की लागत वाली स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना वर्षों से लटकी हुई है.
अधूरे नाले बने आफत, व्यापार पर पड़ रहा प्रतिकूल असर
क्षेत्र में नालों का निर्माण अधूरा होने और कचरे-गाद से जाम रहने के कारण पानी सड़कों पर जमा रहता है. यह रास्ता शिवहर और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाला मुख्य प्रवेश द्वार भी है.
समस्या के मुख्य बिंदु:
- कारोबार प्रभावित: सैकड़ों करोड़ के निवेश से चल रहे होटल, विवाह भवन, मॉल व दुकानों का व्यवसाय जलभराव से ठप पड़ रहा है.
- आंदोलन का असर नहीं: टैक्स देने के बावजूद समाधान न मिलने पर स्थानीय लोगों ने कई बार आंदोलन किया और जनप्रतिनिधियों का घेराव भी किया.
- बुडको पर टिकी उम्मीदें: नगर स्वच्छता पदाधिकारी गौतम कुमार के अनुसार बुडको द्वारा नाला निर्माण पूरा होने पर ही स्थायी समाधान संभव है. फिलहाल सीवर सक्शन मशीन से पानी निकाला जा रहा है.
मधुबन की ओर से नाला निर्माण कार्य फिर शुरू हुआ है. लोगों की उम्मीदें अब अधूरी परियोजना के जल्द पूरा होने पर टिकी हैं.
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