Sitamarhi News: डुमरा. शिक्षा विभाग के साक्षरता संभाग के तत्वावधान में मंगलवार को एमपी हाईस्कूल के सभागार में अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर सम्मान समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ डीडीसी श्वेता भारती, डीईओ राघवेंद्र मणि त्रिपाठी और डीपीओ नीलम राज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. समारोह में साक्षरता अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षा सेवकों, केआरपी और नवसाक्षरों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया.
साक्षरता अभियान में बेहतर कार्य करने वालों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान साक्षरता अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षा सेवकों, केआरपी और नवसाक्षरों को सम्मानित किया गया. अधिकारियों ने साक्षरता के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की और अभियान को आगे भी प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया.
समारोह में सम्मान पाने वाले प्रतिभागियों के बीच उत्साह देखने को मिला. कार्यक्रम के माध्यम से साक्षरता अभियान से जुड़े कर्मियों को बेहतर कार्य के लिए प्रोत्साहित किया गया.
नवसाक्षरों ने साझा की अक्षर ज्ञान से बदली जिंदगी
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि नवसाक्षरों ने अक्षर ज्ञान हासिल करने के बाद अपने जीवन में आये बदलाव की कहानी साझा की. उन्होंने बताया कि पढ़ना-लिखना सीखने के बाद रोजमर्रा के कामों में आत्मविश्वास बढ़ा है और कई जरूरी चीजों को समझने में आसानी हुई है.
नवसाक्षरों की इन कहानियों ने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया और साक्षरता के महत्व को भी सामने रखा.
साक्षरता के क्षेत्र में अभी और काम की जरूरत : डीडीसी
डीडीसी श्वेता भारती ने कहा कि शिक्षा का महत्व काफी अधिक है और जिले में साक्षरता के क्षेत्र में अभी भी काफी काम करने की जरूरत है. उन्होंने साक्षरता अभियान से जुड़े कर्मियों को निरंतर प्रयास करने और अधिक से अधिक लोगों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
उन्होंने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास और जागरूकता भी बढ़ती है.
साक्षरता को जन-आंदोलन बनाने की अपील
डीईओ राघवेंद्र मणि त्रिपाठी ने साक्षरता अभियान को जन-आंदोलन बनाने की जरूरत बतायी. उन्होंने सभी कर्मियों से अपने-अपने गांव को साक्षर बनाने के लिए उसे गोद लेने की अपील की.
उन्होंने कहा कि साक्षरता अभियान को सफल बनाने के लिए समाज की व्यापक भागीदारी जरूरी है. उन्होंने स्कूलों में कार्यरत रसोइयों को भी साक्षर बनाने की दिशा में पहल करने पर जोर दिया.
शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मी रहे मौजूद
समारोह में एसआरपी संजय कुमार मधु, शिक्षक अंजुम रेजा, जितेंद्र माधव समेत शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी, कर्मी और प्रतिभागी मौजूद रहे. कार्यक्रम के दौरान साक्षरता अभियान को और मजबूत बनाने तथा अधिक से अधिक लोगों को शिक्षा से जोड़ने का संदेश दिया गया.
