Sitamarhi News: सीतामढ़ी. बिहार स्वास्थ्य विभाग के लिपिक संवर्ग के कर्मियों के स्थानांतरण, पदस्थापन एवं प्रतिनियुक्ति को लेकर निदेशालय स्तर से महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है. स्वास्थ्य सेवाएं, बिहार पटना के निदेशक प्रमुख (रोग नियंत्रण, लोक स्वास्थ्य एवं पारा मेडिकल) डॉ. प्रमोद कुमार सिंह की ओर से जारी पत्र में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. पत्र के अनुसार बिहार स्वास्थ्य लिपिक संवर्ग नियमावली के नियम-2 एवं 3 के तहत इस संवर्ग को राज्यस्तरीय संवर्ग घोषित किया गया है.
अब निदेशालय स्तर से होगा स्थानांतरण और पदस्थापन
जारी निर्देश के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के लिपिक संवर्ग के कर्मियों के स्थानांतरण, पदस्थापन एवं प्रतिनियुक्ति की कार्रवाई अब निदेशालय स्तर से की जाएगी.
इससे संबंधित आदेश जारी करने की जिम्मेदारी भी निदेशालय स्तर पर होगी. राज्यस्तरीय संवर्ग घोषित किए जाने के बाद लिपिक संवर्ग के कर्मियों की सेवा से जुड़े मामलों में नई व्यवस्था लागू की गयी है.
60 दिनों तक के अवकाश की स्वीकृति की शक्ति प्रत्यायोजित
निर्देश में संवर्ग के कर्मियों के सेवा लाभ, एससीपी/एमएसीपी तथा 60 दिनों तक की अवधि के सभी प्रकार के अवकाश की स्वीकृति के संबंध में भी व्यवस्था स्पष्ट की गयी है.
इसके लिए संबंधित चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य, अस्पताल अधीक्षक, सिविल सर्जन अथवा अतिविशिष्ट अस्पताल के निदेशक को शक्ति प्रत्यायोजित की गयी है.
अनुकंपा नियुक्ति का पदस्थापन आदेश भी निदेशालय से होगा जारी
जिला अनुकंपा समिति से प्राप्त अनुशंसा के आधार पर नियुक्ति-सह-पदस्थापन आदेश भी अब निदेशालय स्तर से निर्गत किया जाएगा.
इससे अनुकंपा के आधार पर नियुक्त होने वाले लिपिक संवर्ग के कर्मियों के पदस्थापन की प्रक्रिया में भी निदेशालय की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.
विभागीय कार्रवाई पर अंतिम फैसला भी निदेशालय लेगा
निर्देश में विभागीय कार्रवाई से जुड़े मामलों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गयी है. ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय निदेशालय स्तर से लिये जाने की बात कही गयी है.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी इस निर्देश के बाद लिपिक संवर्ग के कर्मियों के स्थानांतरण, पदस्थापन, प्रतिनियुक्ति और विभागीय कार्रवाई से जुड़ी प्रक्रिया में बदलाव होगा.
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