सीतामढ़ी. डीएम रिची पांडेय ने सोमवार को राजस्व व नीलाम पत्र वाद की समीक्षा की. उन्होंने ऑनलाइन म्यूटेशन, परिमार्जन प्लस, अभियान बसेरा- 2,भू- समाधान, कोर्ट केस, एलपीसी, ई- मापी समेत विभिन्न योजनाओं से संबंधित भूमि की आवश्यकता, पंचायत सरकार भवन निर्माण को भूमि की उपलब्धता एवं सीमांकन इत्यादि बिंदुओं की समीक्षा की. मौके पर डीएम ने राजस्व संबंधी कार्यों का निष्पादन पारदर्शिता के साथ करना सुनिश्चित करने, अन्यथा लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करने की बात कही. पंचायत सरकार भवन को भूमि की उपलब्धता से संबंधित अंचलवार समीक्षा की गई. सभी सीओ को कहा गया कि जहां विवाद है, वहां समन्वय के साथ निबटारा करने का निर्देश दिया गया.
— पुपरी सीओ के वेतन पर रोक
परिमार्जन प्लस में अपेक्षित प्रगति नहीं देख डीएम ने पुपरी सीओ के वेतन पर अगले आदेश तक स्थगित कर दिया. वहीं, ऑनलाइन म्यूटेशन का केस डुमरा आरओ के लॉगिंग पर सबसे अधिक लंबित रहने पर उनसे स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया गया. बताया गया कि आधार सीडिंग में पूरे सूबे में जिला का स्थान दूसरा है. डीएम ने ई-मापी का प्रत्येक सप्ताह अंचल वार प्रतिवेदन उपलब्ध कराने की बात कही राजस्व भू लगान वसूली करने का निर्देश सभी सीओ को दिया गया. इसमें चोरौत अंचल का प्रदर्शन सबसे बेहतर पाया गया.
— नीलाम वाद के 873 केस निबटा
डीएम ने नीलाम पत्र वाद की भी समीक्षा की. जिला नीलाम पत्र अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में फरवरी तक 873 मामलों का निष्पादन कर 19 करोड़ 19 लाख सात हजार 529 रूपये की वसूली की गई है. डीएम पांडेय ने सभी नीलाम-पत्र पदाधिकारियों को वादों की सुनवाई को अपने रूटीन कार्यों में शामिल करने व मामलों की प्रतिदिन सुनवाई करने को कहा. बड़े बकायदारों की सूची बनाकर उनके विरूद्ध प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की बात कही गई. कहा गया कि नीलाम वाद के निष्पादन में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी. मौके पर डीडीसी मनन राम, एडीएम संदीप कुमार, जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला नीलम पत्र पदाधिकारी अभिराम त्रिवेदी, निदेशक, डीआरडीए राजेश भूषण समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
