सीतामढ़ी के सुरसंड सीएचसी में ANM का धरना जारी, सिविल सर्जन बैरंग वापस लौटे

सीतामढ़ी के सुरसंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एएनएम का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा. सिविल सर्जन के आश्वासन के बाद भी मांगों पर अड़ीं, जिससे समझौता विफल हो गया. जानिए क्या है पूरा मामला.

Sursand CHC Sitamarhi: सीतामढ़ी जिले के सुरसंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को दूसरे दिन भी एएनएम का धरना-प्रदर्शन जारी रहा. सिविल सर्जन डॉ. रविंद्र कुमार यादव द्वारा सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद धरना समाप्त नहीं हो सका. घंटो प्रयास करने के बाद भी प्रदर्शन खत्म कराने में विफल रहे सिविल सर्जन को बैरंग वापस लौटना पड़ा. सीएस के पहुंचते ही एएनएम आक्रोशित होकर नारेबाजी करने लगीं.

ANM worker strike: सिविल सर्जन के आश्वासन पर भी नहीं बनी बात

एएनएम की सात सूत्री मांगों पर विचार करते हुए सिविल सर्जन ने उनका बकाया वेतन भुगतान कराने, कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाएं देने, आरोपी कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और ऑनलाइन हाजिरी से मुक्त करने समेत सभी मांगें मान ली थीं. इसके बावजूद सीएचसी प्रभारी डॉ. रामकिशोर सिंह की पुनः नियुक्ति पर आपत्ति जताते हुए एएनएम उनके स्थानांतरण की मांग पर अड़ी रहीं, जिससे समझौता विफल हो गया.

सीएचसी प्रभारी ने आरोपों को बताया निराधार

इधर, सीएचसी प्रभारी डॉ. आरके सिंह ने कहा कि एएनएम की सभी मुख्य मांगें मान ली गई हैं. उन्होंने कहा कि मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए तय समय पर ड्यूटी पर आने को कहने पर कुछ कर्मियों को यह नागवार गुजर रहा है. हस्ताक्षर के दुरुपयोग के आरोप पर उन्होंने बताया कि पूर्व में दिया गया आवेदन जांच में फर्जी पाया गया था तथा इस मामले में आगे भी निष्पक्ष जांच की जाएगी.

एएनएम ने लगाया लगातार प्रताड़ना का गंभीर आरोप

आंदोलनरत एएनएम का कहना है कि वे सभी सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक अपने संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों पर पूरी निष्ठा और नियमित रूप से ड्यूटी करती रही हैं. इसके बावजूद उन्हें सीएचसी प्रभारी की ओर से लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण उन्हें मजबूरन यह धरना-प्रदर्शन करना पड़ रहा है.

प्रशासनिक स्तर पर समाधान की लगातार की जा रही पहल

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एएनएम स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं के प्रति प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील है. प्रतिनियुक्ति स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए बीडीओ समेत वरीय अधिकारियों को पत्र लिखा गया है. साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों को बेहतर सरकारी भवनों में शिफ्ट करने की दिशा में भी लगातार आवश्यक पहल जारी है.

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लेखक के बारे में

By विजय नारायण मिश्र

विजय वर्ष 1990 से यानी पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनके पास प्रिंट पत्रकारिता का एक लंबा और समृद्ध अनुभव है. वे प्रशासनिक व क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ ब्यूरो स्तर की खबरों के प्रबंधन और गहन रिपोर्टिंग में विशेष महारत रखते हैं.

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