Sitamarhi : मनरेगा कानून में बदलाव देशवासियों को मंजूर नहीं : कांग्रेस

महात्मा गांधी का नाम हटाकर काला कानून लाने का षड्यंत्र देशवासियों को मंजूर नहीं है.

— मोदी सरकार द्वारा मनरेगा कानून में बदलाव के विरोध में कांग्रेस ने की प्रेसवार्ता

सीतामढ़ी

. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार मोदी सरकार द्वारा मनरेगा कानून बदलने के खिलाफ शनिवार को नगर के ललित आश्रम स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया. प्रेसवार्ता में जिलाध्यक्ष रकटू प्रसाद ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में चेयरपर्सन सोनिया गांधी के द्वारा मनरेगा कार्यक्रम का प्रारूप तैयार हुआ था और वर्ष 2005 में मनमोहन सरकार द्वारा मनरेगा को कानून बनाया गया. पूरे देश में करीब छह करोड़ परिवार इससे लाभान्वित हो रहे हैं. इसलिए योजना को कमजोर करने के उद्देश्य से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाकर काला कानून लाने का षड्यंत्र देशवासियों को मंजूर नहीं है. मुख्य प्रवक्ता प्रमोद कुमार नील, भू संपदा प्रभारी मो अफाक खान, अधिवक्ता संजय कुमार बिररख, प्रदेश प्रतिनिधि मो शम्स शाहनवाज, ताराकांत झा, अंजारूल हक, सीताराम झा, संपूर्णानंद झा, आफताब अंजुम बिहारी, आलोक सिंह आदि ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून से पूज्य बापू का नाम हटाना एवं उसके स्वरूप में परिवर्तन से ग्रामीण स्वराज एवं पंचायती व्यवस्था कमजोर होगा. गांधीवादी मूल्यों को नष्ट करने के लिए ही उनके नाम को नए कानून से हटा दिया गया है. इस मौके पर डॉ राजीव कुमार काजू, रितेश रमण सिंह, प्रो रामप्रवेश कुशवाहा, ऋतु ठाकुर, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ रोहन कुमार, वीरेंद्र कुशवाहा, रामबाबू सिंह समेत अन्य मौजूद रहे.

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By Rakesh Kumar Raj

Rakesh Kumar Raj is a contributor at Prabhat Khabar.

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