सीतामढ़ी रेलवे राजधानी: मां जानकी की पावन जन्मस्थली सीतामढ़ी को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में रेल सुविधाओं के विस्तार की कवायद तेज हो गई है. पूर्व सांसद अर्जुन राय ने हाजीपुर स्थित मध्य पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) से मुलाकात कर इस संबंध में एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा. उन्होंने अधिकारियों को बताया कि सीतामढ़ी में मां जानकी की भव्य प्रतिमा निर्माण के बाद अगले एक-दो वर्षों में यहां देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचेंगे. ऐसे में जिले को सुगम और आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ना अत्यंत जरूरी है.
राजधानी एक्सप्रेस का रूट बदलने की प्रमुख मांग
पूर्व सांसद ने डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस के मार्ग में ऐतिहासिक बदलाव का प्रस्ताव रखा है. उन्होंने आग्रह किया कि इस प्रतिष्ठित ट्रेन को पटना के बजाय भाया सीतामढ़ी-रक्सौल होकर चलाया जाए, जिससे भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को देश की राजधानी तक तेज और सीधी यात्रा की सुविधा मिल सके.
मांग पत्र में शामिल 7 प्रमुख बिंदु
क्षेत्र के चहुंमुखी विकास और बेहतर रेल कनेक्टिविटी को लेकर महाप्रबंधक के समक्ष रखी गई मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- राजधानी ट्रेन का डायवर्जन: डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को वाया सीतामढ़ी-रक्सौल चलाना.
- नई रेल लाइन परियोजनाएं: पूर्व स्वीकृत सीतामढ़ी-सोनबरसा-परिहार-सुरसंड-जयनगर-निर्मली रेल लाइन और मुजफ्फरपुर-मोतिहारी-अरेराज रेल लाइन का त्वरित निर्माण.
- स्टेशन व वाशिंग पिट निर्माण: मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेलखंड पर न्यू रुन्नीसैदपुर स्टेशन तथा सीतामढ़ी जंक्शन पर ट्रेनों के रखरखाव के लिए वाशिंग-पिट का निर्माण.
- रेल खंडों का दोहरीकरण: दरभंगा-सीतामढ़ी-रक्सौल और मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी रेल लाइनों का दोहरीकरण कार्य शीघ्र पूरा कराना.
- प्रीमियम ट्रेनों की सुविधा: सीतामढ़ी से देश के प्रमुख महानगरों के लिए सीधी ट्रेनें तथा दुरंतो, गरीब रथ व वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड ट्रेनों का परिचालन सुनिश्चित करना.
पूर्व सांसद ने जीएम से इन जनहित की मांगों पर त्वरित पहल करने का पुरजोर आग्रह किया है.
ये भी पढ़ें: शिक्षा विभाग का गजब कारनामा: डेढ़ साल पहले मृत शिक्षक को ट्रेनिंग का बुलावा, नहीं आए तो थमाया शोकॉज
