15 प्रखंडों के 200 स्कूलों में मध्याह्न भोजन ठप
डुमरा : अक्सर जिले के विभिन्न प्रखंडों में दर्जन-दो दर्जन स्कूलों में एमडीएम बंद रहता है. कोई ऐसा माह नहीं है, जिसमें विभिन्न कारणों से दर्जनों स्कूलों में एमडीएम बंद न रहता हो.
यह जान कर हैरानी होगी कि इन दिनों 15 प्रखंडों के करीब 200 स्कूलों में एमडीएम ठप है.
एमडीएम पर सुप्रीम कोर्ट की नजर : बताया गया है कि एमडीएम पर सुप्रीम कोर्ट के स्तर से भी नजर रखी जा रही है. बावजूद यह हालात उत्पन्न हो गया है कि 200 स्कूलों के बच्चों को विगत कई दिनों से एमडीएम नसीब नहीं हो रहा है. कहा जा रहा है कि खाद्यान्न व राशि के अभाव में एमडीएम ठप पड़ा हुआ है.
राज्य सरकार के स्तर से बराबर यह कहा जाता रहा है कि किसी भी परिस्थिति में एमडीएम बंद नहीं करना है.
सरकार ने नहीं िदया आवंटन : बता दें कि एमडीएम बंद रखने के आरोप में अब तक न जाने कितने प्रधान के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है.
इस बार सरकार के हीं स्तर से आवंटन उपलब्ध नहीं कराये जाने के अभाव में नौनिहालों को सरकार की इस योजना से वंचित रहना पड़ रहा है. फलत: स्कूलों में बच्चों की संख्या में भी दिन व दिन कमी आती जा रही है.
यहां के स्कूल प्रभावित
रून्नीसैदपुर प्रखंड में सबसे अधिक 47 स्कूलों में एमडीएम बंद है. इसी तरह डुमरा के 33, बेलसंड के 10, रीगा के 17, बथनाहा के 10, परिहार के चार, सोनबरसा के 10, सुरसंड के 19, बाजपट्टी के 12, पुपरी के नौ, नानपुर के 15, परसौनी के एक, चोरौत के 10, बोखड़ा के नौ एवं सुप्पी के चार स्कूलों में एमडीएम ठप पड़ा हुआ है. इसके चलते हजारों बच्चों को टीफिन के समय भोजन के लिए सीधे घर का रूख करना पड़ता है.
