परिहार : स्थानीय बीइओ विजय कुमार सिंह निलंबित कर दिये गये हैं. वे अपने कार्यकाल तक प्रखंड क्षेत्र में गंभीर आरोपों से बराबर घिरे रहे. उनके खिलाफ अधिकारियों से शिकायतें भी की गयी थी, लेकिन कतिपय कारणों से आरोपों की न जांच हुई और न उनके खिलाफ कार्रवाई. यह संयोग रहा कि प्रखंड के स्कूलों में चल रहे पोशाक राशि व छात्रवृत्ति की लूट पर जदयू जिलाध्यक्ष रहे रामजीवन प्रसाद की नजर पड़ी और वे डीएम को अवगत कराये.
बता दें कि डीएम के स्तर से जांच कराने के बाद बड़ा घोटाला उजागर हुआ है. इसके लिए बीइओ श्री सिंह को भी जिम्मेदार मान तीन जनवरी 16 को उनके खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. मामले में दो स्कूल के प्रधान को भी आरोपित किया गया था. जनवरी 15 में पंचायत समिति की बैठक के दौरान उप प्रमुख फरहत तरन्नुम ने तालिमी मरकज में अवैध बहाली का मामला उठाया था. इसमें भी बीइओ श्री सिंह का हीं नाम घसीटा गया था.
भेड़रहिया मुखिया ने उक्त बैठक में बीइओ पर प्रधान शिक्षकों से अवैध वसूली करने का आरोप लगाया था. वर्ष 2013-14 के प्री मैट्रिक स्कॉलरशीप के 20 लाख रुपये के गबन का आरोप बीइओ पर लगाया गया था. आरटीआई के तहत स्कॉलरशीप से संबंधित सूचना की मांग करने पर बीइओ द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया था. आवेदक को कथित तौर पर धमकी दी गयी थी. चहेते कनीय शिक्षकों को प्रधान का प्रभार दिलाने को लेकर भी बीइओ श्री सिंह बराबर चर्चा में रहे थे. उनकी कार्यशैली के खिलाफ 10 मार्च 15 को बीआरसी पर मो सऊद आलम व अन्य ने आमरण अनशन किया था. बताया गया है कि डीएम के आदेश पर प्रखंड के 183 स्कूलों में पोशाक राशि व छात्रवृत्ति वितरण की करायी गयी जांच में भी बीइओ श्री सिंह पर आंच आ सकती है.
