लखनदेई नदी की उड़ाही के लिए कवायद तेज

लखनदेई नदी की उड़ाही के लिए कवायद तेज एक सप्ताह के भीतर होगा सर्वे डीएम ने की समीक्षात्मक बैठक नयी धार से पुरानी धार में जुड़ेंगी लखनदेई फोटो-12 व 13 बैठक में डीएम व अन्य, प्रतिनिधि, डुमरा. लखनदेई नदी को पुनर्जीवित करने व इसके अस्तित्व को बचाने की कवायद तेज कर दी गयी है. डीएम […]

लखनदेई नदी की उड़ाही के लिए कवायद तेज एक सप्ताह के भीतर होगा सर्वे डीएम ने की समीक्षात्मक बैठक नयी धार से पुरानी धार में जुड़ेंगी लखनदेई फोटो-12 व 13 बैठक में डीएम व अन्य, प्रतिनिधि, डुमरा. लखनदेई नदी को पुनर्जीवित करने व इसके अस्तित्व को बचाने की कवायद तेज कर दी गयी है. डीएम राजीव रौशन के स्तर से पौराणिक मानी जाने वाली लखनदेई नदी की उड़ाही के लिए विशेष रूप से पहल की जा रही है. डीएम को खबर मिली थी कि नदी के किनारे बड़ी संख्या में महिला व पुरुष छठ पर्व किया करते थे. वहीं, किसानों को सिंचाई सुविधा मिलती थी. सूचनाएं एकत्र करने के बाद डीएम द्वारा नदी की उड़ाही को ले पहल शुरू किया गया. नयी धार से मिलेगी पुरानी धार इसी कड़ी में शनिवार को समाहरणालय में डीएम श्री कुमार की अध्यक्षता में अधिकारी, राजनीति दलों के प्रतिनिधि, मीडिया कर्मी व सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक बैठक हुई. मौके पर लोगों ने प्रस्ताव दिया कि सोनबरसा प्रखंड के कचोर से लखनदेई नदी की नयी धार से पुरानी धार को मिला दिया जाये. सबों की सहमति मिलने के बाद डीएम श्री कुमार ने इस काम के लिए एक सप्ताह में सर्वे का काम करा लेने की बात कही. कहा, सर्वे के बाद कार्य प्रारंभ की तिथि घोषित कर दी जायेगी. सरकार को जायेगा प्रस्ताव कांग्रेस जिलाध्यक्ष विमल शुक्ला ने सोनबरसा के खाप-खोपराहा पंचायत के भासर से दुलारपुर के बीच नदी की नयी व पुरानी धार को मिलाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सबों ने पारित कर दिया. निर्णय हुआ कि उक्त प्रस्ताव को राज्य सरकार को भेजा जायेगा. मौके पर डीएम ने सबों से इस काम में अपेक्षित सहयोग की अपील की. कहा, जो भी विचार आये हैं, उस पर अमल किया जायेगा और बेहतर परिणाम सामने आयेगा. कचोर से मेहसौल तक उड़ाही लखनदेई नदी की उड़ाही का कम सोनबरसा के कचोर से डुमरा प्रखंड के मेहसौल तक कराया जायेगा. यह काम मनरेगा योजना से होगा. सोनबरसा, बथनाहा, रीगा व डुमरा प्रखंड की 18 पंचायतों के क्षेत्र में उड़ाही का काम होगा. इस काम पर प्रत्येक पंचायत चार-पांच लाख रुपये खर्च करेगी. इससे एक ओर जहां नदी पुनर्जीवित होगी तो दूसरी ओर जल संरक्षण, पौधा संरक्षण के साथ ही मजदूरों को रोजगार मिलेगा. शहर में नदी का सौंदर्यीकरण कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री शुक्ला ने शहर में लखनदेई नदी का सौंदर्यीकरण कराने का प्रस्ताव रखा. साथ ही कहा कि इसके लिए सांसद अपने फंड से एक करोड़ रुपये आवंटित करें. इस पर सांसद रामकुमार शर्मा ने राशि देने की बात कही. खास बात यह कि उतनी राशि से सौंदर्यीकरण का काम पूरा नहीं होने पर राशि बढ़ायी जायेगी. श्री शुक्ला का कहना था कि शहर के महिला व पुरुष इसी नदी के किनारे छठ पर्व करते हैं. इस लिहाज से यह काम जरूरी है. प्रशासनिक कदम प्रशंसनीय जिला प्रशासन के स्तर से लखनदेई नदी की उड़ाही को गंभीरता से लिये जाने को प्रशंसनीय बताया गया है. इसके लिए विशेष कर डीएम श्री कुमार की सराहना की गयी है. डीएम को बधाई देने वालों में लोक अभियोजक अरुण कुमार सिंह, पूर्व विधायक रामनरेश यादव, नगीना देवी, शशि शेखर, राम शरण अग्रवाल, प्रो डा आनंद किशोर, मोहन झा, रामजीवन प्रसाद, रामबाबू साह व शाहीन प्रवीण समेत अन्य शामिल है. वर्ष 94 से जल का प्रवाह ठप डुमरा. लखनदेई नदी नेपाल से निकली हुई है. नदी की नयी धार निकलने से पुरानी धार पर ग्रहण लग गया. वर्ष 94 से ही पुरानी धार में जल का प्रवाह ठप है. पुरानी धार को पुनर्जीवित करने के लिए ही उसे नयी धार से जोड़ने की पहल की जा रही है. प्रशासन के समक्ष तीन प्रस्ताव आया. पहला, भारसर-दुलारपुर के समीप पुरानी धार से जोड़ने के लिए भूमि अधिग्रहण करने का. सीमा से सटे होने के कारण मामला सरकार के स्तर से सुलझाया जा सकता है. लेकिन इस कार्य में कागजी प्रक्रिया का सफर लंबा है. दूसरा प्रस्ताव मुहचट्टी से पुरानी धार को मिलाने के लिए भूमि अधिग्रहण में अतिक्रमण का मामला सामने आया. तीसरा प्रस्ताव कचोर से पुरानी धार को मिलाने के लिए भूमि अधिग्रहण करने का आया. इसके लिए कोष का कोई अभाव नहीं है.

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