एक प्राथमिक वद्यिालय में करीब 2300 बच्चे!

एक प्राथमिक विद्यालय में करीब 2300 बच्चे! जिला कल्याण कार्यालय के नाम से चेक निर्गत बना चर्चा का विषय परिहार के प्रावि खाकी बाबा कुटी सिरसियां बाजार का मामला सीतामढ़ी. परिहार प्रखंड के सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में छात्रवृत्ति व पोशाक राशि के वितरण की जांच चल रही है. इस बीच, वहां के स्कूलों […]

एक प्राथमिक विद्यालय में करीब 2300 बच्चे! जिला कल्याण कार्यालय के नाम से चेक निर्गत बना चर्चा का विषय परिहार के प्रावि खाकी बाबा कुटी सिरसियां बाजार का मामला सीतामढ़ी. परिहार प्रखंड के सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में छात्रवृत्ति व पोशाक राशि के वितरण की जांच चल रही है. इस बीच, वहां के स्कूलों में की गयी गड़बड़ी सामने आ रही है. गत दिन एक स्कूल के एमडीएम के खाते में 35 लाख रुपये की निकासी का मामला उजागर हुआ था. अब भी यह एक रहस्य बना हुआ है कि एमडीएम के खाते में उतनी बड़ी रकम कैसे भेजी गयी, पर एमडीएम के जिला प्रभारी जयशंकर प्रसाद ठाकुर ने कहा है कि उतनी राशि नहीं भेजी गयी थी. जांच के बाद ही पूरी बात स्पष्ट हो पायेगी. इधर, परिहार के ही प्राथमिक विद्यालय खाकी, बाबा कुटी सिरसिया बाजार की शिक्षा समिति के खाते से प्रधान शिक्षक द्वारा जिला कल्याण कार्यालय को 5.64 लाख रुपये का चेक देने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. जांच के बाद होगा स्पष्ट प्रधान शिक्षक के समक्ष ऐसी कौन सी नौबत आयी कि उन्हें उतनी बड़ी रकम कल्याण कार्यालय को देनी पड़ी. हालांकि प्रधान राजेश रत्न को यह याद नहीं है कि जिला कल्याण कार्यालय को कभी 5.64 लाख का चेक दिया था. इधर, प्रभात खबर के पास इसका पुख्ता प्रमाण है कि प्रधान ने उतनी राशि का चेक काटा था. यह चेक तीन सितंबर 15 को काटी गयी थी. चेक का नंबर- 323734 है. फिर भी प्रधान द्वारा सीधे तौर पर चेक काटे जाने से इनकार कर दिये जाने के चलते यह मामला गंभीर होने के साथ हीं उन पर सवाल खड़ा हो गया है. डीएम के आदेश पर चल रही जांच के बाद स्वत: स्पष्ट हो जायेगा कि जिला कल्याण कार्यालय को किस परिस्थिति में उतनी राशि की चेक दी गयी. बच्चों की संख्या पर सवाल सूत्रों ने बताया कि परिहार प्रखंड के कई स्कूलों में बड़ी संख्या में फर्जी बच्चों के नाम पर पोशाक राशि व छात्रवृत्ति की निकासी कर गबन कर लिया गया है. अब तक तीन प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी जा चुकी है. प्राथमिक विद्यालय खाकी के बारे में पता चला है कि वहां इबीसी व बीसी के 1200, अनुसूचित जाति के 600 व सामान्य वर्ग के 500 बच्चों के बीच छात्रवृत्ति व पोशाक राशि वितरित की गयी है. यानी कुल बच्चों की संख्या 2300 बतायी जा रही है. हालांकि प्रधान श्री रत्न की माने तो उनके स्कूल में मात्र 480 बच्चे नामांकित हैं. जानकारों का कहना है कि किसी भी प्राथमिक विद्यालय में बच्चों की संख्या 2300 तक हो ही नहीं सकती. लोगों की बातों व प्रधान की बातों में कितनी सच्चाई है, यह भी जांच के बाद ही सामने आयेगा. कब, कितनी राशि मिली सूत्र के मुताबिक 24 दिसंबर 14 को स्कूल के खाते में 618200 रुपये आया और उसी दिन 615000 की निकासी कर ली गयी. दो से 22 जनवरी 15 तक 238200 राशि मिली, जिसमें से 23 जनवरी को 239000 की निकासी की गयी. पांच फरवरी को खाते में आये 103485 में से 21 फरवरी को 104000 रुपये, 20 से 30 जुलाइ तक खाते में आये 1084200 में से 23 से 30 जुलाइ के बीच 1073000 की निकासी की गयी. 27 अगस्त को स्कूल के खाते में 569000 रुपये आया, जिसमें से तीन सितंबर को 564000 का चेक जिला कल्याण कार्यालय के नाम से काटा गया था. 21 नवंबर को खाता में 438500 रुपये प्राप्त हुआ. प्रधान शिक्षक की दलील प्रधान शिक्षक राजेश रत्न ने बताया कि 480 बच्चे नामांकित हैं. उन्हें याद नहीं है कि जिला कल्याण कार्यालय को चेक काटा था. श्री रत्न ने यह कहते हुए फोन काट दिया कि पूरी बात की जानकारी बीइओ से ले लें. कारण कि बीइओ को हर चीज की रिपोर्ट दे चुके हैं.

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