हकमारी करनेवाले हुए बेनकाब

हकमारी करनेवाले हुए बेनकाब विधायक गायत्री देवी ने पूछे कई सवालपंचायत समिति की बैठक में लगे एक-दूसरे पर प्रत्यारोपफोटो नंबर-8, बैठक में विधायक व अन्यपरिहार. प्रखंड में गरीबों के निवाला की हकमारी की बात काफी पुरानी है. इस लूट में कौन-कौन लोग शामिल हैं, वे लोग बेनकाब हो गये हैं. बुधवार को प्रखंड कार्यालय में […]

हकमारी करनेवाले हुए बेनकाब विधायक गायत्री देवी ने पूछे कई सवालपंचायत समिति की बैठक में लगे एक-दूसरे पर प्रत्यारोपफोटो नंबर-8, बैठक में विधायक व अन्यपरिहार. प्रखंड में गरीबों के निवाला की हकमारी की बात काफी पुरानी है. इस लूट में कौन-कौन लोग शामिल हैं, वे लोग बेनकाब हो गये हैं. बुधवार को प्रखंड कार्यालय में पंचायत समिति की बैठक चल रही थी. विधायक गायत्री देवी ने एमओ से पूछा कि अंत्योदय योजना का अनाज गरीबों को नहीं मिलता है? इस सवाल का जवाब देते, इससे पूर्व दूसरे सवाल के जवाब में एमओ ने आपूर्ति व्यवस्था की पूरी पोल खोल दी और ऊपर से नीचे तक के तमाम अधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर दिया. बैठक में हंगामा भी हुआ. सदस्य आक्रोशित हो गये. एमओ की बात जनप्रतिनिधियों को काफी तीखी लगी. वे लोग बैठक से जाने को तैयार हो गये. बीडीओ निरंजन कुमार ने समझाबुझा कर सब को शांत किया. तौल कर नहीं मिलता खाद्यान्नएमओ का कहना था कि एसएफसी के एजीएम को तौल कर खाद्यान्न नहीं मिलता है. इसी कारण डीलर को भी तौल कर खाद्यान्न नहीं मिलता है. आपूर्ति में गड़बड़ी का मामला उठाया गया. उसके बाद एमओ जब बोलना शुरू किये, तो एक तरह से जनप्रतिनधियों के होश उड़ गये. एमओ ने सपाट लहजे में कहा कि जब पंचायत प्रतिनिधियों को डीलर द्वारा एक-एक बोरा चावल व गेहूं दिया जाता है, तब किसी के द्वारा डीलर की शिकायत नहीं की जाती है. उस दौरान कोई नहीं कहता कि डीलर चोरी करता है. इतना सुनते ही पूर्व विधायक रामनरेश यादव व अन्य सदस्य सदन में खड़ा हो गये. बात आगे बढ़ती, इससे पूर्व ही एमओ की ओर से बीडीओ ने सदस्यों से माफी मांग कर उन्हें शांत कराया. खाद्यान्न की जांच को बनेगी टीमबैठक में सितंबर व अक्तूबर माह में प्रखंड क्षेत्र में वितरण किये गये खाद्यान्न की टीम गठित कर जांच कराने का निर्णय लिया गया. बीडीओ ने आश्वासन दिया कि राशन के उठाव व वितरण से संबंधित रिपोर्ट प्रखंड कार्यालय में चिपकायी जायेगी. मुखिया दिनेश पूर्वे ने भी एमओ पर आपूर्ति में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया. 5 करोड़ के गबन की कोशिशबैठक में पंसस मो अली ने कहा कि बीइओ विजय सिंह की मिलीभगत से छात्रवृत्ति व पोशाक मद में 5 करोड़ रुपये के गबन की कोशिश की गयी थी. जिस गांव में अनुसूचित जाति का एक भी छात्र नहीं है, वहां के स्कूल में इस वर्ग के सैकड़ों बच्चों का फरजी नामांकन कर इनके नाम का रुपये गबन करने की कोशिश की गयी थी. एमओ का कहना था कि सर्वर की गड़बड़ी के चलते दूसरे स्कूल की राशि दूसरे स्कूल में चली गयी थी. 7 स्कूलों में इस तरह का मामला सामने आया है. बैठक से बगैर सूचना के सीडीपीओ माधवी रानी के अनुपस्थित रहने को सदस्यों ने गंभीरता से लिया और उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को रिपोर्ट करने का निर्णय लिया गया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >